तीन शादी के बाद दोस्त की भतीजी पर आया दिल , नशे में किया प्यार का इजहार , मिली मौत
देश , 03-02-2022 2:02:58 PM
राजसमंद 03 फरवरी 2022 - राजस्थान के राजसमंद जिले में हुए ब्लाइंड मर्डर का खुलासा पुलिस ने कर दिया है. लक्ष्मण प्रजापत की हत्या उसी के दोस्त लक्ष्मण मेघवाल ने की थी. चारभुजा इलाके ने अमरतिया गांव में हुए इस मर्डर के मामले में पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है. दरअसल, लक्ष्मण प्रजापत और लक्ष्मण मेघवाल दोस्त थे और साथ में शराब पार्टी भी किया करते थे।
30 जनवरी की सुबह लक्ष्मण प्रजापत की लाश अमरतिया गांव के खेत में पत्थर से कुचली हुई मिली थी पुलिस ने हत्या से पर्दा उठाया तो दोस्त ही बेनकाब हो गया. लक्ष्मण प्रजापत की हत्या उसी के दोस्त लक्ष्मण मेघवाल ने की थी।
चारभुजा पुलिस ने जब हत्या की वजह का खुलासा किया तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई. लक्ष्मण प्रजापति अय्याश किस्म का व्यक्ति था. उसकी तीन शादियां हुई थी, लेकिन उसकी गलत हरकतों और आदतों के कारण तीनों ही पत्नियां छोड़ कर चली गईं. इसके बावजूद लक्ष्मण प्रजापति की हरकतें सुधर नहीं रही थी।
लक्ष्मण प्रजापति अपने ही दोस्त लक्ष्मण मेघवाल की भतीजी पर बुरी नजर रखता था. एक तरफा प्यार मैं लड़की को परेशान कर रहा था. शराब के नशे में उसने यह बात अपने दोस्त को बताई तो लक्ष्मण मेघवाल यह सुनकर सन्न रह गया. वह जानता था कि लक्ष्मण अय्याश है. कोई महिला उसके साथ रह नहीं सकी लक्ष्मण मेघवाल ने अपनी भतीजी की खातिर लक्ष्मण प्रजापति को रास्ते से हटाने का प्लान तैयार कर लिया. लक्ष्मण मेघवाल और लक्ष्मण प्रजापति दोनों साथ बैठकर शराब पिया करते थे।.वारदात की रात भी दोनों साथ थे, दोनों ने शराब पी और उसके बाद लक्ष्मण मेघवाल ने लक्ष्मण प्रजापति को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस ने बताया कि मृतक लक्ष्मण प्रजापत और आरोपी लक्ष्मण मेघवाल में काफी समय से जान पहचान थी. घटना से पहले लक्ष्मण प्रजापत कई बार लांबोडी और गोमती के आस-पास लोटन बाबा की यात्रा के दौरान एक लडकी से प्रेम प्रसंग के चलते मिलने के लिए गया था. 29 जनवरी को लक्ष्मण प्रजापत गुडलिया आकर लक्ष्मण मेघवाल से मिला और मेघवाल के बाड़े पर बने कमरे में दोनों ने साथ में शराबी पी. उस दौरान लक्ष्मण प्रजापत ने लक्ष्मण मेघवाल को उसके परिवार की लड़की से प्रेम प्रसंग की बात कही. मेघवाल प्रेम प्रसंग वाली बात से प्रजापत से नाराज हो गया. लड़की रिश्ते में उसकी भतीजी लगती थी।
ऐसे में लड़की का नाम सुनते ही वह भीतर ही भीतर सुलग गया. उसने प्रजापत को मारने का इरादा बना लिया. रात 1 बजे लक्ष्मण मेघवाल और लक्ष्मण प्रजापत एक ही बाइक से अमरतिया की तरफ निकले. प्रजापत बाइक चला रहा था. मेघवाल ने बाइक रोकने के लिए कहा तो उसने बाइक रोक दी. इससे पहले लक्ष्मण कुछ समझ पाता, मेघवाल ने पत्थर से लक्ष्मण प्रजापत पर हमला कर दिया. उसने उसे तब तक मारा जब तक लक्ष्मण की जान नहीं निकल गई. वारदात को अंजाम देने के बाद लक्ष्मण मेघवाल ने मृतक के शव को पत्थरों से ढंक दिया और बाइक लेकर वहां से फरार हो गया।
















