हाईकोर्ट का बड़ा फैसला , पति और पत्नी के बीच शारीरिक संबंध ना होना क्रूरता की श्रेणी में आता है लेकिन,,,,
देश , 21-06-2023 5:20:30 AM
बेंगलुरू 20 जून 2023 - कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति और उसके माता-पिता के खिलाफ पत्नी द्वारा शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करने के मामले में दायर याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने पति द्वारा प्रस्तुत याचिका पर गौर करते हुए कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम -1955 के तहत पति द्वारा शारीरिक संबंध से इनकार करना क्रूरता है, लेकिन यह IPC की धारा 489A के तहत नहीं आता है।
जानकारी के मुताबिक महिला के पति ने अपने और अपने माता पिता के खिलाफ IPC की धारा 498A और धारा 4 दहेज निषेध अधिनियम के तहत पुलिस द्वारा दायर चार्ज शीट को कोर्ट में चुनौती दी थी। पीठ ने कहा कि याचिका कर्ता के खिलाफ एकमात्र आरोप यह है कि उनका मानना है कि प्यार का मतलब कभी शारीरिक संबंध बनाना होता ही नहीं, बल्कि यह तो आत्मा से आत्मा का मिलन होना चाहिए।
बेंच ने कहा कि पति का अपनी पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाने का कभी इरादा ही नहीं था। शादी का उपभोग न करना निस्संदेह हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 12 (1)(ए) क्रूरता के तहत आता है। लेकिन, यह IPC की धारा 498A के तहत नहीं आता है। पीठ ने कहा कि पति के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही नहीं की जा सकती क्योंकि यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।
















