सक्ती में आसमान को छिपने के लिए लेना पड़ रहा है पल्लू का सहारा, इस खबर का सट्टे या सटोरिया से कोई लेना देना नही है,.
सक्ती 17 मई 2026 - "आसमान को छिपने के लिए लेना पड़ रहा है पल्लू का सहारा" अब खबर के इस शीर्षक को पढ़ कर किसी सटोरिये से मत जोड़ लेना। हम बात कर रहे है रायगढ़ जिले में बदलते मौसम की जँहा रोज मौसम करवट ले रहा है। लेकिन रायगढ़ जिले से महज 60 किलोमीटर दूर सक्ती का मौसम इसलिए ठहर गया है क्योंकि यँहा का 'आसमान" पल्लू में छिपा हुआ है जिसके चलते ना तो बारिश हो पा रही है और ना तेज धूप और गर्मी से राहत मिल पा रही है। यँहा तक कि ID ने भी काम करना बंद कर दिया है।
लोग बैचैन है कि कब "आसमान" नजर आएगा और कब सक्ती का मौसम खुशनुमा होगा. लेकिन लोगो को क्या पता कि "आसमान" हवा के बहाव में कभी उड़ीसा तो कभी हैदराबाद में जा कर आँख मिचौली खेल रहा है। तेज गर्मी और उमस से परेशान हो चुके सक्ती के लोगो को बता दे कि "आसमान" कई महीनों तक नजर नही आने वाला है और ना खरीदी गई ID काम करने वाली है क्योंकि 'आसमान' पर शशि का साया पड़ गया है। और वो पल्लू में छिप गया है।
अगर दो चार महीने बाद सक्ती में "आसमान" छा भी गया तो वो मुंह छिपाते फिरेगा क्योंकि सूरज की किरण उसे तब तक तपाते रहेगी जब तक मानसून आ नही जाता। हम एक बार फिर से अनुरोध कर रहे है कि इस खबर को किसी ब्यक्ती विशेष या सट्टे से जोड़ कर मत पढ़ना ये एक तरह से मौसम की जानकारी है।














