तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नाले में गिरी , चार दोस्तो की मौके पर ही मौत , मुख्यमंत्री ने जताया दुःख
उत्तर प्रदेश , 28-12-2022 8:58:05 AM
लखनऊ 28 दिसम्बर 2022 - सैरपुर के नरहरपुर गांव के पास देर रात सरकारी नंबर की कार बेकाबू होकर नाले में गिर गई। हादसे में पांच लोग डूब गए। इनमें से चार की मौत हो गई, पांचवें का इलाज चल रहा है। हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। डीएम और पुलिस अधिकारियों को हर संभव सहायता करने के निर्देश दिए हैं।
प्रभारी निरीक्षक सैरपुर सुनील कुमार तिवारी के मुताबिक उपभोक्ता फोरम के रिटायर्ड जज के ड्राइवर अमरनाथ यादव का बेटा जानकीपुरम के वशिष्ठपुर निवासी संदीप यादव (30) शनिवार रात कार से घूमने निकला था। उसके साथ मड़ियांव के गायत्रीनगर का निखिल शुक्ला (30), मड़ियांव ककौली बड़ी खुदान का अंकित श्रीवास्तव (28), मड़ियांव की श्रीनगर कॉलोनी का राकेश यादव (28) व मड़ियांव के भरतनगर का सत्यम पांडेय थे। आईआईएम रोड पर नरहरपुर के पास कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाले में जा गिरी। कोहरे के चलते देर रात हुए इस हादसे का किसी को पता नहीं चल सका।
राहगीरों के सूचना देने पर पहुंची पुलिस ने पांचों को निकाला। सत्यम की हालत स्थिर देख पास के निजी अस्पताल भिजवाया गया। संदीप, निखिल शुक्ला, अंकित, राकेश को ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां इन्हें मृत घोषित कर दिया गया। संदीप के पिता अमरनाथ ने यह सरकारी नंबर की कार नीलामी में खरीदी थी।
वीवीआईपी गेस्ट हाउस में मैनेजर देवेंद्र शुक्ला ने बताया कि बेटा निखिल चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी में सेल्स मैनेजर था। सुबह 09 बजे वह बाइक से ऑफिस के लिए निकला था। रात करीब 9.30 बजे मां सीमा ने फोन किया तो निखिल ने कृष्णानगर के कस्टमर के घर विजिट कर एक घंटे में आने की बात कहकर फोन काट दिया। करीब 10.30 बजे कॉल किया तो उसका मोबाइल बंद था। कई बार कॉल करने पर भी उससे संपर्क नहीं हो सका। इस पर देवेंद्र रात दो बजे मड़ियांव थाने गए। इस पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें कृष्णानगर थाने जाकर शिकायत दर्ज कराने की बात कहकर लौटा दिया। परिवारीजन का आरोप है कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की होती तो शायद उनके बेटे की जान बच जाती। निखिल की तीन वर्ष पहले शादी हुई थी। परिवार में पत्नी प्रियंका और डेढ़ साल का बेटा है।
एडीसीपी उत्तरी अभिजीत आर शंकर के मुताबिक सत्यम कार में पीछे दाहिने तरफ की सीट पर बैठा था। हादसे के बाद उसने खिड़की खोल कर गर्दन बाहर निकाल दी। पूरी रात वह ऐसे ही रहा। हालांकि, नाले का पानी ठंडा होने से किसी को आवाज तक नहीं दे सका। पुलिस के मुताबिक जहां हादसा हुआ रात में उस तरफ कोई आता-जाता नहीं है। केवल वाहन से ही लोग निकलते हैं। पूछताछ में सत्यम ने बताया कि संदीप सभी को लेकर मौसी के बेटे से मिलने नरहरपुर गांव गया था। लौटते समय हादसा हो गया। पुलिस ने आशंका जताई है कि कार का दरवाजा न खुलने से सभी अंदर फंसे रहे।















