भोपाल 18 नवम्बर 2021 - राजधानी के जेपी अस्पताल में सोनोग्राफी करने वाले एक डाक्टर के मंगलवार को कोरोना से संक्रमित पाए जाने की पुष्‍टि के बाद कई गर्भवती महिलाओं के संक्रमित होने का खतरा बढ़ गया है। इसकी वजह यह कि संक्रमण की चपेट में आए डाक्टर ने बीते शनिवार तक हर दिन करीब 150 गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी किया है। 

जिले में आधी से ज्यादा गर्भवती को टीका नहीं लगा है। जिन्हें लगा है उनमें भी आधी को सिर्फ पहली डोज लगी है। गर्भवती महिलाओं की प्रतिरोधक क्षमता वैसे भी कमजोर रहती है। ऐसे में उनके संक्रमित होने और हालत बिगड़ने का खतरा है। अब जेपी अस्पताल की तरफ से गर्भवती महिलाओं को फोन कर कोरोना की जांच कराने की सलाह दी जा रही है।

गौरतलब है कि जेपी अस्‍पताल में पदस्‍थ उक्‍त डॉक्‍टर की पत्‍नी की भी कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। फिलहाल डॉक्‍टर दंपती को एम्‍स में भर्ती किया गया है, जहां उनकी हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है। यह भी पता चला है कि डॉक्‍टर और उनकी पत्‍नी को कोरोना वैक्‍सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार को जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार मंगलवार को प्रदेश में कोरोना के पांच मरीज मिले हैं। इनमें चार भोपाल के हैं और एक इंदौर का है। कुल 52,695 सैंपल की जांच में यह मरीज मिले हैं। प्रदेश में सक्रिय मरीजों की संख्या 77 है। इससे एक दिन पहले प्रदेश में कोरोना के चार नए मरीजों की पहचान हुई थी। इनमें तीन भोपाल के और इंदौर का एक मरीज था।