बेंगलुरु 13 अगस्त 2026 - कर्नाटक सरकार ने पूरे राज्य में गुटखा और तंबाकू या निकोटीन वाले पान मसाला पर बड़ा फैसला लिया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त कार्यालय ने ऐसे उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगा दी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, बेंगलुरु की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि यह प्रतिबंध गुटखा और ऐसे पान मसाला पर लागू होगा, जिनमें तंबाकू या निकोटीन मौजूद है।
सरकार ने यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (बिक्री का निषेध एवं प्रतिबंध) विनियम, 2011 के तहत की है। आदेश के मुताबिक, अधिसूचना जारी होने की तारीख से यह प्रतिबंध पूरे कर्नाटक में प्रभावी हो गया है और एक साल तक लागू रहेगा।
आदेश के तहत केवल गुटखा और पान मसाला ही नहीं, बल्कि ऐसे अन्य उत्पाद भी प्रतिबंध के दायरे में आएंगे, जिनके अंतिम उत्पाद में तंबाकू या निकोटीन मौजूद है। उत्पाद का नाम कुछ भी हो या वह पैकेट में बेचा जाए अथवा खुले रूप में, नियम लागू रहेगा। इसके अलावा ऐसे उत्पादों पर भी रोक लगाई गई है, जिन्हें अलग-अलग पैक करके बेचा जाता है।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने कहा कि यह फैसला जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार का उद्देश्य तंबाकू और निकोटीन वाले उत्पादों के इस्तेमाल से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान को कम करना है। इस आदेश के बाद कर्नाटक में संबंधित उत्पादों के कारोबार से जुड़े निर्माताओं, विक्रेताओं, वितरकों और अन्य कारोबारियों को एक साल तक प्रतिबंध का पालन करना होगा। उल्लंघन की स्थिति में संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, “खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30 की उपधारा (2) के खंड (a) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (बिक्री पर निषेध एवं प्रतिबंध) विनियम, 2011 के विनियम 2.3.4 के साथ पढ़े जाने पर, और जनस्वास्थ्य के हित में, कर्नाटक राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा निम्नलिखित के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाता है।









