रायपुर 31 अक्टूबर 2026 - छत्तीसगढ़ में इस समय मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदला हुआ नजर आ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में हल्की फुहारों ने जहां मौसम को सुहाना बना दिया है, वहीं कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश की वजह से आम जन जीवन प्रभावित हुआ है।

मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की चेतावनी जारी की है। लगातार हो रही बारिश से तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है।

उत्तरी छत्तीसगढ़ इन दिनों भारी बारिश का मुख्य केंद्र बना हुआ है। पिछले कुछ घंटों के दौरान बलरामपुर जिले के कुसमी क्षेत्र में सबसे अधिक 28 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है। इसके अलावा चांदो और सामरी में 14-14 सेंटीमीटर तथा कुनकुरी में 12 सेंटीमीटर तक पानी बरसा है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जबकि उत्तरी अंचल के कुछ चुनिंदा स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश का दौर देखने को मिला है। तमनार और रामानुजगंज में नौ-नौ सेंटीमीटर तथा कांसाबेल, सन्ना और रायगढ़ में आठ-आठ सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में एक साथ तीन अलग-अलग मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनके मेल से राज्य में चक्रवाती गतिविधियां और तेज बारिश हो रही है। उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे लगे पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसका चक्रवाती परिसंचरण लगभग 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अलावा, दक्षिणी अंडमान सागर और उससे लगे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ऊपर भी एक अन्य निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है, जिसका दायरा 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक दर्ज किया गया है।

साथ ही, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तरी छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश तक बनी एक मौसमी द्रोणिका इन सभी गतिविधियों को और अधिक ऊर्जा दे रही है।