IG और DSP सहित 8 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा , CBI की स्पेशल कोर्ट का फैसला
शिमला 28 जनवरी 2025 - गुड़िया रेप-मर्डर केस में जांच के दौरान आरोपी की कस्टडी में हुई मौत मामले में हिमाचल प्रदेश के IG जहूर हैदर जैदी सहित 8 पुलिसकर्मियों को CBI की स्पेशल कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है. कोर्ट का ये फैसला हिरासत में मौत की घटना के करीब साढ़े सात साल बाद आया है।
बता दे कि गुड़िया रेप-मर्डर केस में पुलिस हिरासत में टॉर्चर से हुई मौत मामले में चंडीगढ़ CBI की विशेष अदालत ने 18 जनवरी को मामले में IG जहूर हैदर जैदी सहित थियोग के DSP मनोज जोशी , कोटखाई के पूर्व SHO राजेंद्र सिंह, ASI दीपचंद, कॉन्स्टेबल रंजीत सिंह, हेड कॉन्स्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल और रफीक अली कुल 8 पुलिस कर्मियों को दोषी करार दिया था। वहीं कोर्ट ने शिमला के तत्कालीन SP डीडब्ल्यू नेगी को पर्याप्त सबूत नहीं होने के कारण बरी कर दिया था।
CBI कोर्ट ने सभी दोषियों को उम्रकैद के साथ एक-एक लाख रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया है. इससे पहले कोर्ट ने आज सुबह सभी दोषियों की अपील सुनकर शाम 4 बजे के बाद फैसला सुनाने का समय दिया था।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के कोटखाई में 4 जुलाई 2017 को 16 साल की गुड़िया (परिवर्तित नाम) जब स्कूल से वापस आ रही थी तभी उसका अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया था. फिर रेप के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद हत्यारे ने उसके मृत शरीर को जंगल में फेंक दिया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी सूरज को हिरासत में लिया. जांच के दौरान टॉर्चर की वजह से उसकी मौत हो गई थी।
मौत का आरोप पुलिस ने दूसरे आरोपी राजू पर लगा दिया था. पुलिस हिरासत में हुई आरोपी की मौत के बाद गुस्साई भीड़ ने पुलिस थाना फूंकने की कोशिश की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह केस CBI को सौप दिया. CBI ने IG और शिमला SP समेत 9 पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया था।
















