रिश्वत की रकम में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए चपरासी ने कलेक्टर को दिया आवेदन , लेटर वायरल होते ही मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश , 06-09-2024 11:13:39 PM
जौनपुर 06 सितंबर 2024 - उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के द्वारा भ्रष्टाचार खत्म होने का दावा हर दिन हर मंच से किया जाता है, लेकिन जौनपुर जिले में एक पत्र वायरल हो रहा है जो कहीं न कहीं उन दावों को खोखला साबित कर रही है। वह पत्र एक चपरासी के द्वारा लिखी गई है और उसमें जिलाधिकारी से मांग की गई है कि वसूली किए जाने वाले पैसों में हिस्सेदारी बढ़ाया जाए। मामला जिले की शाहगंज तहसील का है।
यहां की शाहगंज तहसील में पदस्थ एक चपरासी ने जौनपुर के जिलाधिकारी से पत्र लिखकर न्याय की अपील की है। चपरासी नायब तहसीलदार को मिले घूस और अवैध कमाई में हिस्सेदारी नहीं मिलेने से क्षुब्ध है।
नायब तहसीलदार शैलेन्द्र कुमार सरोज शाहगंज तहसील में तैनात हैं, जबकि राजाराम यादव उनका प्राइवेट चपरासी है। जो कि नायब तहसीलदार के लिए अवैध वसूली करता है. राजाराम ने साहब पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो और उसके साथ दो और चपरासी जान जोखिम में डालकर नायब तहसीलदार शैलेन्द्र कुमार सरोज के लिए अवैध वसूली करते हैं। जिसके एवज में राजाराम को महज 500 रुपये मिलते हैं, जबकि बाकियों को 1000 रुपये प्रतिदिन दिया जाता है। इसलिए उसने कलेक्टर को पत्र लिखकर हिस्सेदारी बढ़वाने की मांग की है।
अब ऐसी पत्र वायरल होने के बाद विभाग में हड़पंम मचना लाजमी था। चपरासी की चिठ्ठी पढ़ने के बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने SDM शाहगंज को इस मामले की जांच के निर्देश दिए। SDM राजेश चौरसिया ने 5 सितंबर को नायब तहसीलदार से रिपोर्ट तलब की। जांच रिपोर्ट में SDM ने कहा कि तहसील में कोई प्राइवेट कर्मी कार्यरत नहीं है। राजाराम यादव का आरोप पूरी तरह से मिथ्या और भ्रामक है।
















