सक्ती 02 अगस्त 2026 - इस वक्त जिला मुख्यालय सक्ती से एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है यँहा किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष साधेश्वर गबेल की जम कर किरकिरी हो रही है। मामला अल्टीमेटम के बाद धरने पर नही बैठने का है। दरअसल किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष साधेश्वर गबेल ने कंचनपुर स्थित दोनों पेट्रोल पंपों के बीच बरसाती पानी से सड़क पर बने स्विमिंग पूल जैसी स्थिति और लोगो की सुरक्षा एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर धरने पर बैठने का ऐलान किया था और कुछ वेब पोर्टलों ने किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष साधेश्वर गबेल के इस ऐलान को जमकर प्रसारित किया था।

लेकिन आंदोलन की चेतावनी देने वाले किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष साधेश्वर गबेल निर्धारित समय पर धरने पर नहीं बैठे। धरना शुरू होने से पहले ही उनके कार्यक्रम को स्थगित कर दिए जाने के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि इस मामले में सफाई देते हुए नेता साधेश्वर गबेल ने बताया कि उन्हें संबंधित उच्च अधिकारियों द्वारा समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया है। इसी आश्वासन के आधार पर उन्होंने फिलहाल धरने पर नहीं बैठने का निर्णय लिया है।

उच्च अधिकारियों द्वारा समस्या के समाधान का आश्वासन देने की बात शायद गोपनीय थी इस वजह से किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष सदेश्वर गबेल इसकी जानकारी देना उचित नही समझा लिहाजा किसान धरना स्थल पर अपने मुखिया का इंतजार करते रहे और मुखिया जी गायब रहे। इस घटनाक्रम के बाद लोग सोशल मीडिया पर साधेश्वर गबेल की आलोचना करते हुए "धरती छोड़ किसान नेता" का तमगा देते हुए उनका उपहास उड़ा रहे है।

लोगों का कहना है कि जिस मुद्दे को लेकर धरने की घोषणा की गई थी, वह जनहित और सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है और केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका मत है कि जब तक धरातल पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक लोगों की जान जोखिम में बनी रहेगी।

अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अधिकारियों द्वारा दिए गए इस गोपनीय आश्वासन पर कब तक अमल होता है और जनहित से जुड़ी इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक सुनिश्चित किया जाएगा।