सक्ती 24 फरवरी 2023 - इस खबर को लिखते हुए बहुत पीड़ा हो रही है लेकिन हम अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से तो पीछे नही हट सकते है आज जिस किसी ने भी बुधवारी बाजार का नजारा देखा उसकी आँखें नम हो गई , पालिका द्वारा आबंटित जिन दुकानों में ब्यापारी अपना ब्यवसाय कर परिवार का पेट भर रहे थे आज वही ब्यवसाई उसी दुकानों को अपने हाथों से तोड़ते दिखे।
बुधवारी बाजार के ब्यापारीयो ने तो पालिका के एक आदेश पर अपने ही हाथों से अपना कारोबार उजाड़ दिया लेकिन उनके दिल मे जो जख्म लगा है उसमे तब तक मरहम नही लगेगा जब तक ग्रामीण बैंक के सामने से पूर्व RTO एजेंट व भजिया छाप नेता का अतिक्रमण नही हटेगा।
बता दे कि पूर्व RTO एजेंट व खांग्रेसी नेता ने ग्रामीण बैंक के सामने तालाब के किनारे अतिक्रमण कर ट्रांसपोर्ट का कारोबार संचालित कर रहा है इतना ही नही उसका अतिक्रमण हर महीने बढ़ते ही जा रहा है और जब से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का शासन आया है वह खुद को CM से कम नही समझ रहा है।
यही वजह है कि बड़े अधिकारियों को यह अतिक्रमण नजर नही आता है अगर कोई छोटे अधिकारी तथाकथित ( खांग्रेसी ) नेता के पास पहुँच जाते है तो वह उन्हें भजिया और चटनी खिला कर उन्हें वापस भेज देता है।
अब जब सक्ती जिला बन गया है तो यह जरूरी है कि लोगो को वो सुविधा मिले जो बिलासपुर , जांजगीर , कोरबा , रायगढ़ जिले में मिल रही है लेकिन यह सब नही हो पा रहा है और ये तभी सम्भव है जब कार्तिकेय गोयल जैसे IAS के हाथों में जिले की कमान हो तो फिर ना भजिया चटनी काम आएगा और ना दूध और मक्खन।
बाकी तो जै जोहार है ही ,,,









