नई दिल्ली 06 नवम्बर 2026 - देश की राजधानी में रहने वाले शराब के शौकीनों के लिए एक अच्छी खबर है। आने वाले दिनों में लोकप्रिय स्कॉच व्हिस्की ब्रांड की कीमतों में करीब 7 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। दिल्ली के आबकारी विभाग ने भी नई कीमतें तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि दिवाली के बाद और शादी के सीजन से पहले ग्राहकों को इसका फायदा मिल सकता है। हालांकि, दुकानों में नई कीमतें लागू होने में कुछ समय लग सकता है।इसकी वजह बाजार में पहले से उपलब्ध पुराना स्टॉक है। पुरानी बोतलों की बिक्री पूरी होने के बाद ही नई दरों वाला स्टॉक बाजार में आने की उम्मीद है।

दरअसल, भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू हुआ था। इसके तहत ब्रिटेन में बोतलबंद होकर भारत आने वाली पात्र स्कॉच व्हिस्की पर सीमा शुल्क 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया गया है। अगले 10 वर्षों में इसे चरणबद्ध तरीके से घटाकर 40 प्रतिशत तक लाने की योजना है। आयात शुल्क में इस कटौती का असर अब शराब की कीमतों पर भी दिखाई देने की उम्मीद है।

इसी के मद्देनजर शराब की कीमतों में कटौती हो सकती है। कीमतों में संभावित कटौती का असर जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल, डबल ब्लैक, रेड लेबल और ग्लेनफिडिच 12 ईयर जैसे लोकप्रिय स्कॉच व्हिस्की ब्रांड पर पड़ सकता है। हालांकि, सभी ब्रांड की कीमतों में एक समान कमी नहीं होगी। अलग अलग ब्रांड की लागत और उन पर लगने वाले टैक्स के आधार पर नई कीमतें तय की जाएंगी।

दिल्ली आबकारी विभाग ने सितंबर में थोक विक्रेताओं से संशोधित लागत और कीमतों से संबंधित दस्तावेज मांगे थे। गोवा, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी आयात शुल्क में बदलाव के बाद शराब की कीमतों में संशोधन किया गया है। उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक, दिल्ली में मौजूदा पुराना स्टॉक खत्म होने में कम से कम दो सप्ताह लग सकते हैं। इसके बाद नई कीमतों वाली बोतलें खुदरा दुकानों पर उपलब्ध होने की संभावना है। हालांकि, कीमतों में यह राहत केवल चुनिंदा ब्रांड तक सीमित रह सकती है।