रायपुर 11 सितंबर 2026 - छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने बलरामपुर जिले में पदस्थ एडिशनल कलेक्टर चेतन बोरघरिया को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें छह दिनों की ED रिमांड पर भेज दिया। अब ED उनसे CGPSC भर्ती मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ करेगी।
चेतन बोरघरिया वर्ष 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) के पद पर कार्यरत रहे थे। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी के बाद CGPSC से जुड़े कथित घोटाले की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है। ED की टीम अब रिमांड अवधि के दौरान उनसे मामले से जुड़े विभिन्न तथ्यों और जांच में अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित भर्ती अनियमितताओं और पैसे के लेन-देन से जुड़े नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका रही।













