रायपुर 23 अक्टूबर 2026 - छत्तीसगढ़ में यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर परिवहन नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुते प्रदेश की 170 बसों के परमिट निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इन बसों में अनिवार्य जीपीएस और पैनिक बटन जैसी सुरक्षा सुविधाओं की कमी पाई गई थी। परिवहन विभाग ने तीन महीने तक विशेष जांच अभियान चलाने और नोटिस जारी करने के बाद यह कार्रवाई की है।

अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर के अनुसार, जिन 170 बसों के परमिट निरस्त किए गए हैं, उन्हें संबंधित परमिट के आधार पर संचालन की अनुमति नहीं होगी। यदि कोई संचालक इन बसों को नियमों का उल्लंघन करते हुए सड़क पर चलाता पाया गया तो वाहन जब्त कर 10 हजार रुपये तक जुर्माना और संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत सजा हो सकती है।

तीन महीने तक चला विशेष जांच अभियान राज्य शासन के निर्देश पर परिवहन विभाग ने जुलाई से सितंबर 2026 तक प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाया। इस दौरान रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़, जगदलपुर और अंबिकापुर सहित प्रमुख मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्री बसों की जांच की गई। परिवहन विभाग की उड़नदस्ता टीमों और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों ने बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन की उपलब्धता तथा कार्यशीलता की जांच की।

परिवहन विभाग की जांच के प्रमुख आंकड़े 412 बसों में GPS नहीं 210 बसों में GPS बंद 85 पैनिक बटन खराब 170 बसों के परमिट निरस्त कार्रवाई जांच में सामने आया कि कई बस संचालक नियमों का पालन किए बिना यात्रियों का परिवहन कर रहे थे। कुछ वाहनों में जीपीएस उपकरण लगे होने के बावजूद उन्हें बंद रखा गया था।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में लगभग 12 हजार बसें हैं। इनमें 4,500 यात्री बसें, 6,500 स्कूल बसें और करीब 1,000 ऑल इंडिया टूरिस्ट एवं निजी श्रेणी की बसें शामिल हैं। अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े सभी वाहन मालिकों को सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।