जांजगीर चाम्पा जिले के आदिमजाति कल्याण विभाग के संचालक पी सी लहरे के खिलाफ पत्रकारों ने खोला मोर्चा , जाने क्या है वजह
जांजगीर चाम्पा , 05-09-2021 3:29:42 AM
जांजगीर चांपा 04 सितम्बर 2021 - मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, किसी भी समाचार पत्र के प्रकाशन का संपूर्ण अधिकार उसके प्रकाशक , मुद्रक , स्वामी एवं संपादक का होता है लेकिन छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले के एक अधिकारी ने लोकतंत्र के इस चौथे स्तंभ का मजाक बनाकर रख दिया है।
जांजगीर चांपा से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को भी उन्होंने अवैध तरीके से छाप दिया इतना ही नही सूचना का अधिकार में उन्होंने अवैध रूप से छापे उस अखबार की कापी भी दे दी। उसी टेंडर में उनके द्वारा छत्तीसगढ़ के पांच प्रमुख अखबारों में से एक की प्रति भी लगाई गई है, उस समाचार पत्र का भी उनके द्वारा अवैध तरीके से प्रकाशन किए जाने की पूरी आशंका है। पूरे मामले के उजागर होने के बाद भी अधिकारी पर किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है जिसके बाद महामहिम राज्यपाल , विधानसभा अध्यक्ष , मुख्यमंत्री , जिले के प्रभारी मंत्री , संबंधित विभागीय मंत्री के नाम से कलेक्टर कार्यालय जांजगीर चांपा में ज्ञापन सौंपकर 10 सितंबर 2021 को एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किए जाने तथा फिर भी कार्यवाही नही होने पर 15 सितंबर 2021 से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किए जाने की चेतावनी दी गई है।
बता दे की लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजाक बनाने वाले आदिमजाति कल्याण विभाग के संचालक पी सी लहरे वही अधिकारी है जिनके बारे में पामगढ़ विधायक श्रीमती इंदू बंजारे ने दिसंबर 2020 में छत्तीसगढ़ विधानसभा में यह सनसनीखेज आरोप लगाते हुए उन्हें जिले से हटाने की मांग की थी कि सहायक आयुक्त आदवासी विकास पीसी लहरे और उनके बाबू हर काम में पैसा लेते हैं।
महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष एवं अन्य के नाम से भेजे ज्ञापन में उल्लेखित है कि आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग अंतर्गत संचालित विभागीय छात्रावास/आश्रम एवं आवासीय संस्थाओं के लिए वर्ष 2020-21 के लिए जाति प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र तथा छात्रावास/ आश्रमों में लगने वाले आवश्यक पंजियों की छपाई आदिवासी विकास जांजगीर चांपा द्वारा कराई गई है। सूचना का अधिकार के तहत दी गई जानकारी में विभाग ने टेंडर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और एक अन्य समाचार पत्र में प्रकाशित होने की जानकारी दी जिसका जी नं. 86529 है, जनसंपर्क संचालनालय रायपुर में जी नं. 86529 आदिवासी विकास विभाग जांजगीर चांपा के विज्ञापन को देने की बात से स्पष्ट रूप से इंकार किया है, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस मे भी उक्त विज्ञापन प्रकाशित नहीं है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जांजगीर चांपा ने स्वयं अवैध तरीके से छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के उक्त पेज का प्रकाशन कर टेंडर प्रक्रिया पूर्ण करा दी है। उनके द्वारा अन्य समाचार पत्रों की छपाई भी इसी तरह से टेंडर के लिए कराया गया है। शासन जनसंपर्क संचालनालय रायपुर से विभागों को प्रदत्त आईडी पासवर्ड से एक मिनट में इसका पता लगा सकती है, अवैध रूप से समाचार पत्र छपवाकर उसके आधार पर टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर उक्त अधिकारी ने शासन के साथ भी फर्जीवाड़ा करते हुए उसे लाखो रूपए की क्षति पंहुचाई है, अत: निवेदन है कि उक्त दोषी अधिकारी पर यथाशीघ्र कार्यवाही की जाए
01 - अवैध रूप से छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस एवं अन्य समाचार पत्रों का प्रकाशन करने को लेकर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जांजगीर चांपा पीसी लहरे सार्वजनिक रूप से लिखित में माफी मांगे।
02 -छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस एवं अन्य अखबारों का अवैध रूप से प्रकाशन करने के मामले में शासन स्तर पर पी सी लहरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो।
03 -लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ खिलवाड़ करते हुए शासन प्रशासन की आंखों में धूल छोंककर उसे लाखों रूपए की क्षति पंहुचाए जाने के मामले में पी सी लहरे को शासकीय सेवा से अयोग्य मानते हुए उन्हें पद से बर्खास्त किया जाए।
04 - पी सी लहरे के संपूर्ण सेवा काल में उनके माध्यम से कराए गए संपूर्ण टेंडरों की जांच हो।
05 - पी सी लहरे के अवैधानिक कृृत्य से जिन भी ठेकेदारों को लाभ पंहुचा हो उन्हें हमेशा के लिए ब्लेक लिस्ट किया जाए।
06 - जांजगीर चांपा जिले में पदस्थापना के दौरान श्री लहरे द्वारा किन-किन अखबारों की अवैध रूप से छपाई कराई गई है जांच कर इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
प्रेस के चौथे स्तंभ के साथ एक अधिकारी के द्वारा खिलवाड़ किए जाने पर उपरोक्त मांगों को लेकर दैनिक छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की ओर से दिनांक 10 सितंबर 2021 को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन और दिनांक दिनांक 15 सितंबर 2021 से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जांजगीर में किया जाएगा।















