सक्ती - एल्डरमैनो की सूची जारी होते ही पार्टी की अंदरूनी कलह आई सामने, जारी लिस्ट की जमकर हो रही है आलोचना
सक्ती 07 जुलाई 2026 - लंबे इंतजार के बाद आखिरकार छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकायों में नए एल्डरमेनो की नियुक्ति कर दी है। नियुक्ति आदेश जारी होते ही पार्टी की अंदरूनी कलह एक बार फिर से खुल कर सामने आ गई है। इस नियुक्ति आदेश के बाद सक्ती में भाजपा का एक धड़ा जँहा जश्न मना रहा तो वही दूसरा धड़ा खुल कर ना सही लेकिन अंदरूनी तरीके से विरोध कर रहा है।
दरअसल, नगर पालिका परिषद सक्ती में 05 नए एल्डरमैनो की नियुक्ति हुई है जिसमे सुषमा कसेर, दीपक गुप्ता, दादू केंवट, श्रीमती सुशीला गबेल और सुमित शर्मा का नाम शामिल है। एल्डरमैनो का पद पार्षदों के ही बराबर रसूख और अधिकार वाला माना जाता है। यही कारण है कि जब भी इन पदों पर किसी की ताजपोशी की बारी आती है, तो पार्टी के प्रति निष्ठा , वफादारी और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखा जाता है। एल्डरमैनो की यह नई सूची सामने आते ही सक्ती में विरोध के सुर तेज हो गए हैं।
सूत्रों की मानें तो इस पूरे विवाद की जड़ बीते नगर पंचायत चुनाव में छिपी है। बताया जा रहा है कि टिकट वितरण के दौरान एक मजबूत दावेदार का टिकट सिर्फ इस वादे के साथ काट दिया गया था कि उन्हें बाद में एल्डरमैन बनाकर सम्मान दिया जाएगा। उस वक्त पार्टी के उस वादे पर भरोसा करते हुए उस अभ्यर्थी ने अपनी जगह दूसरे उम्मीदवार को मौका दे दिया। लेकिन, अब जब एल्डरमैन की फाइनल सूची जारी हुई, तो उस वादे को पूरी तरह से दरकिनार करते हुए उस नेता का नाम सिरे से गायब कर दिया गया।
स्थानीय लोगों और समर्थकों का साफ कहना है कि अगर इलाके के जातीय समीकरणों को भी पैमाना बनाया जाता, तो उनका नाम सूची में सबसे ऊपर होना चाहिए था। चुनाव के वक्त किए गए इस कथित ‘धोखे’ और वादे से मुकरने को लेकर अब पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच गहरी नाराजगी पनप रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अपनों की ही इस नाराजगी से उठा यह सियासी बवंडर आने वाले दिनों में क्या गुल खिलाता है।
बाकी तो सब जै जोहर है ही..
















