सुना है सक्ती में चार पैरों वाले आवारा कुत्तों को पकड़ने वाली टीम आई हुई है, लेकिन सक्ती शहर में तो..
सक्ती 08 जुलाई 2026 - इन दिनों सक्ती शहर में डॉग कैचर वैन के साथ एक विशेषज्ञ टीम आई हुई है के जो शहर के सभी 18 वार्डो में घूम घूम कर आवारा कुत्तों को पकड़ रहे और सभी पकड़े गए आवारा कुत्तों की नसबंदी कर उन्हें A/C शेल्टर में स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद वापस छोड़ दिया जा रहा है। और इसके लिए सक्ती शहर के बाराद्वार रोड में मुक्तिधाम के पास एक केंद्र की स्थापना की गई है। जहां की अत्याधुनीक सुविधा भी उपलब्ध है जँहा आवारा कुत्तों को पकड़ कर उनकी नसबंदी की जा रही है।
लेकिन खास बात यह है कि डॉग कैचर वैन के साथ आई विषेसज्ञों की टीम सिर्फ और सिर्फ चार पैरों वाले कुत्तों को ही पकड़ कर नसबंदी कर रहे है जबकि सक्ती शहर में तो दो पैर वाले भी काफी श्वान है जो चार पैरों वाले मूक जानवर से ज्यादा खतरनाक है।
चार पैरों वाले कुत्ते के काटने पर होने वाले रैबीज को रोकने के लिए प्रदेश के सभी छोटे बड़े अस्पतालों में निःशुल्क वैक्सीन उपलब्ध है। लेकिन दो पैरों वाले श्वानों के काटने पर होने वाली रैबीज को रोकने के लिए आज तक कोई वैक्सीन नही बनी है। और इन दो पैरों वाले श्वानों की संख्या चार पैरों वालो से कंही अधिक है। चार पैरों वाले तो पागल होने पर काटते है बाकी के वक्त में किसी के घर से फेंकी गई दो बासी रोटी या जूठन खाकर वफादारी निभाते है। लेकिन ये दो पैरों वाले तो जिसका दिया तंदूरी चिकन, बटर नॉन, शाही पनीर खाते है उसी को काटते है, गुर्राते है, दौड़ाते है और कभी कभी तो ये घर मे भी घुस जाते है।
अब फैसला आपका है की कौन सा स्वान ज्यादा खतरनाक है और किसे पकड़ कर नसबंदी की जानी चाहिए। हमारी यह खबर कई लोगो को बुरी लग सकती है लेकिन हम बता दे कि इस खबर को लिखने के पीछे किसी की भावनाओं या आत्मसम्मान को ठेस पंहुचना नही बल्कि जो सच है उसे सामने लाना है। फिर भी किसी के भावनाओं या आत्मसम्मान को ठेस पंहुची हो तो हम तहे दिल से माफी मांगते है। बस आप सुरक्षित रहे, सजग रहे और सावधान रहें।
बाकी तो सब जै जोहार है ही..















