क्या सक्ती के सटोरियों और अपराधियों से अनभिज्ञ है पुलिस के नए अधिकारी, या फिर बात है कुछ और..
सक्ती 19 जनवरी 2026 - पुलिस से बचने के लिए सक्ती शहर के सटोरिये चेहरों पर एक से बढ़ कर एक मुखौटा लगाए घूम रहे है। कोई जनसेवक बना है तो कोई ज्वेलर्स बन कर खुद को पाक साफ दिखा रहा तो कोई कपड़ा ब्यापारी या ठेकेदार बन कर पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा है। इस मामले में हद तो तब हो जाती है जब पुलिस उन्हें सफेदपोश समझ कर शांति समिति की बैठक या फिर किसी ऐसे मीटिंग में थाने बुलाती है जो सामाजिक सरोकारों से जुड़ा रहता है।
बैठक के दौरान ये सफेदपोश सटोरिये पुलिस के नव पदस्थ अधिकारियों के बगल में खड़े होकर ऐसे तश्वीर खिंचवाते है मानो वे कोई तुर्रमखां है। और इन्ही तश्वीरो को पुलिस प्रेस मीडिया में रिलीज करती है जो अखबारों की सुर्खियां बन जाती है। लेकिन इस तश्वीरो को लेकर पुलिस की जो जग हँसाई होती है उससे वो अनभिज्ञ रहती है।
जानकारी के मुताबिक हर थाने में पुलिस के पास एक VCNV जिसे Rural Crime Handbook या Handbook of Rural Crimes भी कहा जाता है जिसे आप सामान्य भाषा मे " ग्राम अपराध पुस्तिका" कह सकते है वो मौजूद रहती है और इस VCNV में किसी भी बयक्ति के पूरे जीवन का आपराधिक विवरण दर्ज रहता है। अगर कोई भी बयक्ति कभी भी किसी अपराध में शामिल रहता है तो उसका विवरण थाना प्रभारी या पुलिस के कोई भी आला अधिकारी VCNV देखकर मिनटों में निकाल सकते है।
अब सवाल यह है कि सट्टे के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में बदनाम सक्ती जिले में पदभार ग्रहण करते ही पुलिस के अधिकारी VCNV (ग्राम अपराध पुस्तिका) का अवलोकन क्यो नही करते है। अगर वे VCNV का अवलोकन करते तो पता चल जाता कि जिसे वे सम्मान देकर अपने पास बिठा रहे है उसकी प्रवृत्ति कैसी है।
पुलिस अधिकारियों की इसी गलती का फायदा उठा कर सफेदपोश अपराधी या सटोरिये खुद को किसी संगठन का प्रभारी या पदाधिकारी बताते हुए हाथ मे गुलदस्ता लेकर पँहुच जाते है अधिकारियों का स्वागत करने। और गुलदस्ता भेंट करते तश्वीर खिंचवा कर शोशल मीडिया में पोस्ट कर देते है जिससे उनका रुतबा तो बढ़ जाता है लेकिन लोगो की नजरों में अधिकारी की इज़्ज़त खाक में मिल जाती है।
कल देर रात पढ़े..
समोसा मटर वाला सटोरिया..

















