महुआ शराब अब नही कहलायेगा अवैध , सरकार अब दुकानों में बेचेगी महुआ से बनी शराब
मध्य प्रदेश , 23-05-2023 12:53:07 AM
भोपाल 22 मई 2023 - मध्य प्रदेश में महुआ से निर्मित शराब उत्पादन के लिए पर्यावरण स्वीकृति की अनिवार्यता नहीं होगी। राज्य सरकार ने हेरिटेज शराब निर्माण इकाई को इससे छूट प्रदान की है।
मध्य प्रदेश के दो जिले आलीराजपुर के ग्राम कोछा ब्लाक कट्ठीवाड़ा एवं डिंडौरी के ग्राम भाखामाल ब्लाक अमरपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रुप में हनुमान आजीविका स्वसहायता समूह एवं मां नर्मदा आजीविका स्व सहायता समूह के माध्यम से प्लांट लगाकर हेरिटेज लिकर यानि महुआ से शराब निर्मित की जा रही है।
इन दोनाें ही प्लांट को पर्यावरण स्वीकृति से छूट दी गई है। वहीं हेरिटेज शराब को एक माह बाद बाजार में उपलब्ध कराने के लिए आबकारी विभाग इसकी लांचिंग करने की तैयारी कर रहा है। शराब दुकानों में भी हेरिटेज शराब का विक्रय किया जाएगा।
आलीराजपुर और डिंडौरी जिले के दोनों प्लांट में प्रदूषित सामग्री को जमीन में जाकर प्रदूषण फैलाने से रोकने के लिए निवारक संयंत्र बनाने होंगे और इसके लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति भी लेना होगी, जिससे प्लांट और हेरिटेज लिकर की लागत बढ़ जाएगी। इससे बचने के लिए उपाय सुझाए गए हैं। महुआ से शराब बनाने के समय निकलने वाले वेस्ट से कैटल फीड यानि भूसा बनाया जा सकता है, जिस पर कोई पर्यावरण स्वीकृति नहीं लेना होगी। इस प्रस्ताव पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने भी सहमति जताई है।
महुआ की आपूर्ति पर वन विभाग के अधिकारी से भी जानकारी ली गई है। वन विभाग के अनुसार प्रदेश के वनों में महुआ के करीब 30 लाख वृक्ष हैं तथा हर साल करीब साढ़े चार लाख महुआ पौधों का रोपण भी किया जाता है।
राज्य लघु वनोपज संघ ने पिछले साल 32 हजार 356 क्विंटल महुआ फूल की समर्थन मूल्य पर खरीदी भी की है। अभी अलीराजपुर एवं डिंडौरी के प्लांट में सिर्फ एक प्रतिशत महुआ का उपयोग हो रहा है तथा इसकी उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है। वन विभाग इस साल कटनी के जंगलों में महुआ के पौधे भी लगाने जा रहा है जिससे अच्छी क्वालिटी का महुआ उत्पादित हो सके। बता दें कि मध्य प्रदेश का महुआ विदेश भी निर्यात किया जा रहा है।
















