छत्तीसगढ़ सरकार ने इन दो पेड़ो पर लगाया प्रतिबंध, अब नही रोपे जाएंगे इस पेड़ के पौधे
रायपुर 20 मार्च 2026 - विधानसभा के प्रश्नकाल में छातिम (सप्तपर्णी) वृक्षों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विधायक सुनील सोनी ने इन पेड़ों के रोपण पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि इससे लोगों में अस्थमा और एलर्जी जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं।सुनील सोनी ने कहा कि छातिम के पेड़ बड़े पैमाने पर नई कॉलोनियों और शहरी क्षेत्रों में लगाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को सांस से जुड़ी दिक्कतें हो रही हैं।
उन्होंने सरकार से इन पेड़ों पर प्रतिबंध लगाने और पहले से लगे पेड़ों को हटाने के लिए आवेदन स्वीकृत करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यह पेड़ केवल हरियाली बनाए रखने के लिए लगाया जाता है, लेकिन इसके दुष्प्रभावों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
इस पर जवाब देते हुए पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि फिलहाल छातिम वृक्षों के हानिकारक प्रभाव को लेकर विभाग के पास कोई ठोस वैज्ञानिक रिसर्च उपलब्ध नहीं है। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि कुछ राज्यों में इस पेड़ पर प्रतिबंध लगाया गया है।मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में रोपण पर रोक लगाने का कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं है, लेकिन भविष्य में ऐसे पौधों के रोपण को रोका जाएगा। उन्होंने सदन में घोषणा की कि आगे से सप्तपर्णी (छातिम) के पौधे नहीं लगाए जाएंगे।
मंत्री ओपी चौधरी ने यह भी बताया कि कोनोकार्पस नामक पेड़ के हानिकारक प्रभावों को लेकर वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध है। इसी के आधार पर सरकार ने कोनोकार्पस के रोपण पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में पहल शुरू कर दी है।
















