फतेहगढ़ साहिब 07 अक्टूबर 2026 - पंजाब में एक बेहद हाई प्रोफाइल वैवाहिक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता, जिला परिषद सदस्य और मार्केट कमेटी सरहिंद के चेयरमैन अमरिंदर सिंह मंडोफल शादी के नाम पर एक बड़े फरेब का शिकार हो गए हैं। नेता का आरोप है कि जिस महिला ने खुद को पंजाब सिविल सर्विसेज (PCS) की अफसर और कुंवारी बताकर उनसे निकाह किया था वह असल में पहले से तलाकशुदा और एक बालिग बेटे की मां निकली। इतना ही नहीं शादी के कुछ ही अरसे बाद आरोपी महिला घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और कीमती सामान समेटकर रफूचक्कर हो गई।
अमरिंदर सिंह मंडोफल के मुताबिक, यह शादी फरवरी 2026 में पूरे ठाठ बाट और धूमधाम के साथ संपन्न हुई थी। उस वक्त इस रिश्ते को लेकर सियासी हल्कों में खूब चर्चा थी क्योंकि विवाह समारोह में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और मान सरकार के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध समेत कई विधायक और पार्टी पदाधिकारी मुबारकबाद देने पहुंचे थे। सोशल मीडिया पर भी इस शादी की तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हुए थे।
शादी के कुछ वक्त बाद जब महिला के तौर तरीकों पर शक गहराया, तो अमरिंदर सिंह ने अपने स्तर पर तहकीकात शुरू की। इसके बाद जो सच सामने आया, उसने सबके होश उड़ा दिए। पीड़ित नेता का इल्जाम है कि महिला न तो कोई पीसीएस अधिकारी है और वह पहले से शादीशुदा थी और उसका कानूनी तौर पर तलाक हो चुका था। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसका करीब 18 साल का एक जवान बेटा भी है, जिसे निकाह के वक्त पूरी तरह पोशीदा (गुप्त) रखा गया था। इसके अलावा महिला की असली उम्र छुपाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र और दूसरे कागजातों में भी भारी जालसाजी की गई थी।
अमरिंदर सिंह मंडोफल का कहना है कि जब उन्होंने इस धोखे को लेकर सवाल जवाब करने की कोशिश की, तो महिला घर में रखे सोने चांदी के जेवरात, बेशकीमती सामान और नकदी लेकर फरार हो गई। जब सुलह और सच्चाई सामने लाने की तमाम कोशिशें नाकाम हो गईं, तो पीड़ित नेता ने फतेहगढ़ साहिब पुलिस की शरण ली और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
फतेहगढ़ साहिब थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 अक्टूबर 2026 को मुकदमा अपराध संख्या (FIR No.) 240 दर्ज कर लिया है। पुलिस ने नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) [धोखाधड़ी], 336(3), 338, 340 (2) [फर्जी दस्तावेज बनाना और इस्तेमाल करना] और 61(2) [आपराधिक साजिश] के तहत केस कायम किया है।












