रायपुर 05 जून 2024 - छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों में से 10 पर जीत दर्ज करने के बाद राज्य के नवनिर्वाचित सांसदों में से कुछ चेहरे केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह बना सकते हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल गठन के पूर्व जिन नामों को लेकर चर्चा है, उन नामों में रायपुर लोकसभा सीट से रिकॉर्ड मतों से जीतने वाले बृजमोहन अग्रवाल, दुर्ग लोकसभा सीट से दूसरी बार सांसद निर्वाचित होने वाले विजय बघेल, राजनांदगांव लोकसभा सीट से दूसरी बार जीत दर्ज करने वाले संतोष पांडेय. अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट जांजगीर से पहली बार सांसद बनने वाली कमलेश जांगड़े और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित बस्तर सीट से चुनकर आने वाले महेश कश्यप शामिल हैं।
संकेत है कि छत्तीसगढ़ से एक या दो सांसद केंद्रीय मंत्रिमंडल में लिए जा सकते हैं. इससे पहले 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में अविभाजित मध्यप्रदेश में दिलीप सिंह जूदेव, रमेश बैस और डाॅ.रमन सिंह केंद्रीय मंत्री बनाए गए थे. राज्य गठन के बाद से छत्तीसगढ़ कोटे से महज एक-एक मंत्री बनाए जाने का सिलसिला शुरू हो गया था।
भाजपा शासित दो राज्य उत्तरप्रदेश और राजस्थान में पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ, मगर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में उम्मीदों के अनुरूप नतीजे आए. माना जा रहा है कि इस वजह से ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में इन दोनों राज्यों को खासतौर पर तरजीह दी जाएगी।
कमलेश जांगड़े क्यों??
अनुसूचित जाति वर्ग के साथ-साथ महिला फैक्टर उनके साथ है. कांग्रेस के गढ़ से उन्होंने चुनाव जीता है. जांजगीर लोकसभा की आठ विधानसभा सीटों में कांग्रेस का कब्जा है. नेता प्रतिपक्ष डाॅ.चरणदास महंत का प्रभावशील क्षेत्र माना जाता है. राज्य के सबसे बड़े संभाग बिलासपुर क्षेत्र से आती हैं. एबीवीपी से छात्र राजनीति की शुरुआत कर यहां तक पहुंचने वाली युवा सांसद हैं।










