जांजगीर चाम्पा 22 सितंबर 2026 - छत्तीसगढ़ के जांजगीर- चांपा जिले में स्वाइन फ्लू के बाद अब स्क्रब टाइफस के मामले सामने आने लगे हैं। बारिश के मौसम में फैलने वाले इस संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले में मौजूदा सीजन में अब तक स्क्रब टाइफस के 5 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से एक मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई है, जबकि एक एक्टिव मरीज का निजी अस्पताल में उपचार जारी है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जांच के लिए भेजे गए करीब 10 से 15 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव भी आई है। विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराने की अपील की है। जानकारी के अनुसार, मृत मरीज में स्क्रब टाइफस के शुरुआती लक्षण दिखाई दिए थे। इसके बाद उसका इलाज शिवरीनारायण स्थित साबरी अस्पताल में कराया गया। हालत गंभीर होने पर उसे बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों, खेतों और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में रहने या काम करने वाले लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है। स्क्रब टाइफस ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया से होने वाला संक्रमण है। यह संक्रमित चिगर यानी छोटे माइट्स के लार्वा के काटने से इंसानों तक पहुंचता है। समय पर इलाज नहीं मिलने पर खतरा बढ़ सकता है।
स्क्रब टाइफस के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे दिखाई देते हैं। इसमें तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं होती हैं। यदि समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। इससे निमोनिया, मस्तिष्क में सूजन, किडनी और लिवर संक्रमण तथा मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर जैसी स्थिति भी बन सकती है।













