रायपुर 14 फरवरी 2022 - राज्य सरकार कर्मचारियों - अधिकारियों को सुविधा देने के लिए पांच दिन का वर्किंग डे तय किया है। इसके साथ-साथ सरकार ने कार्यालयों में कामकाज के घंटाें में बदलाव कर दिया। इसके तहत कर्मचारियों-अधिकारियों को सुबह 10 बजे ही कार्यालय आना है, मगर लेटलतीफी को अपनी आदत बना चुके कर्मचारी इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। इस आदेश को वापस लेने की मांग पर अड़े कर्मचारियों ने फैसला लिया है कि सोमवार को प्रदर्शन किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार यानी 14 फरवरी को भोजन अवकाश में कलेक्ट्रेट रायपुर और कलेक्ट्रेट बिलासपुर में प्रदर्शन किया जाएगा। संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा, जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खान ,अनियमित कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष रवि गढ़पाले ने बताया है कि तीन सूत्रीय मांग पर कर्मचारी अड़े हुए हैं।
अनियमित कर्मचारियों को मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन का 14 फरवरी को तीन वर्ष पूर्ण हो रहा है उनके वादा और आश्वासन का सीडी कलेक्टर के माध्यम से प्रेषित किया जाएगा। वही रायगढ़ में हुए मारपीट के विरुद्ध तथा 10:30 से समय पूर्ववत लागू कराने के लिए राजधानी के अधिकारी लिपिक भृत्य कर्मचारी भोजन अवकाश में प्रदर्शन करेंगे।
गौरतलब है कि इसके पहले छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विजय कुमार झा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। इसमें कर्मचारियों ने सुबह 10 बजे नहीं आ पाने की असमर्थता को प्रकट करते हुए हो रही दिक्कतों से सरकार को अवगत कराया है । इधर, जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। सोमवार को आने और जाने दोनों के ही समय का निरीक्षण सख्ती से किया जाएगा। जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों को सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करना ही चाहिए।









