विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत पिता का फर्ज अदा कर आज सरस्वती को करेंगे ससुराल विदा
कोरबा , 10-02-2022 11:02:30 PM
कोरबा 10 फरवरी 2022 - जिस बिन मां की बच्ची को डा. चरणदास महंत ने बचपन में ही दत्तक पुत्री बनाया था। वह अब 24 साल की हो गई है। अब उसके हाथ पीले करने का समय आ गया है। गुरुवार को ग्रााम लाफा में विवाह समारोह संपन्न होगा। इस मौके पर डा. महंत बाबुल की भूमिका में रहेंगे। इस बच्ची की पढ़ाई लिखाई से लेकर लालन पालन की पूरी जिम्मेदारी डा. महंत ने निभाई है। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के नेता प्रशांत मिश्रा को उसकी देखरेख की जवाबदारी सौंपी थी और उन्होने इसका बखूबी पालन किया।
कोरबा जिले के पाली विकासखंड के ग्राम लाफा में रहने वाले चमरा दास के घर 24 साल पहले जन्म लेने वाली सरस्वती को बचपन से मां का आंचल नहीं मिला। पत्नी वेदकुंवर की मौत के बाद इस बच्ची का लालन-पालन चमरा दास के लिए मुश्किल था। जरूरतमंद परिवार में जन्म लेने वाली इस बच्ची सरस्वती को डा. महंत ने गोद लिया। वर्ष 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश सरकार में तत्कालीन गृह, वाणिज्यकर व जनसंपर्क मंत्री डा. महंत बतौर कांग्रेस प्रत्याशी लोकसभा चुनाव के लिए जनसंपर्क करते हुए पाली से लगे ग्राम लाफा पहुंचे। यहां उस वक्त माहौल गमगीन था क्योंकि चमरा दास की धर्मपत्नी वेदकुंवर की मौत हुई थी। डा. महंत के समक्ष चमरा दास ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए बेटी का लालन-पालन करने में असमर्थता जताई। डा. महंत इस वाकये से काफी भावुक हुए और उन्होंने इस बच्ची को गोद लेकर उसका आजीवन पालन-पोषण, शिक्षा-दीक्षा की जिम्मेदारी उठाई।
डा. महंत ने अपने प्रतिनिधि प्रशांत मिश्रा को यह जिम्मदारी स्थानीय अभिभावक के तौर पर सौंपी। सरस्वती को अपने साथ ले जाने की इच्छा डा. महंत ने जताई, लेकिन पिता चमरा दास ने अपने पास ही रखने का मन बनाया। पिता की इच्छा का डा. महंत ने सम्मान किया, गांव में पली-बढ़ी सरस्वती ने स्नातक तक की शिक्षा हासिल कर ली है।
डा. महंत के परिवार में चौथी बेटी की तरह शामिल सरस्वती का अब कन्यादान का वक्त आ गया है। सरस्वती का विवाह नंद दास के साथ तय हुआ है। 10 फरवरी को सरस्वती के घर बारात आएगी। इससे पहले विवाह की सभी तैयारियों से लेकर परंपरागत रस्म-रिवाज निभाने के लिए डा महंत अपनी धर्मपत्नी कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत के साथ लाफा पहुंच रहे हैं।
















