छत्तीसगढ़ में रेत पर चढ़ा सियासी पारा , दाम बढ़ने पर विपक्ष ने कांग्रेस सरकार को घेरा
रायपुर , 31-01-2022 12:44:13 PM
रायपुर 31 जनवरी 2022 - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के बाद प्रदेश में रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन पर हो रही कार्रवाइयों पर विपक्ष इसे उत्तर प्रदेश चुनाव से जोड़कर राज्य सरकार को कठघरे में खड़े कर रही है। वहीं कांग्रेस विपक्ष पर रेत के अवैध कारोबारियों से साठगांठ का आरोप लगा रही है।
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पूछा है कि रेत पर कार्रवाई का संबंध उत्तर प्रदेश चुनाव से तो नहीं है? कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल नशे के तस्करों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कई बार कह चुके हैं। उसके बाद भी प्रदेश नशे का नेशनल हाईवे बन चुका है।
मुख्यमंत्री केवल अपनी छवि को चमकाने के लिए पीआर कैंपेन की मदद ले रहे हैं। मुख्यमंत्री की भूमिका दिल्ली दरबार के लिए मिस्टर एटीएम की हो गई है। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने ट्वीट किया, छत्तीसगढ़ सरकार रेत का अवैध उत्खनन किसे मानती है, यह स्पष्ट करना चाहिए।
रेत के उत्खनन में बड़े-बड़े लोग (माफिया) हैं। वो सरकार को संचालित करते हैं। खाने के दांत और दिखाने के दांत और। माफिया और वजीर ए आला नाराज, ऐसा नहीं हो सकता है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि खनिज विभाग की कार्रवाई के बाद प्रदेश में रेत की आपूर्ति ठप हो गई। इसके चलते कारोबारियों ने रेत के दाम को डेढ़ गुना बढ़ा दिया है।
उधर, भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि रमन सरकार के दौरान रेत से राज्य सरकार को मात्र 15 करोड़ का राजस्व मिलता था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने रेत खदानों का जब ठेका किया, तब यह राशि बढ़कर 100 करोड़ के करीब पहुंच गई है। दो हजार से अधिक प्रकरण रेत तस्करों के ऊपर बनाए गए हैं। रेत माफियाओं पर अंकुश लगाया गया है।
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