सक्ती - CMHO मैडम अपनी झूठी वाहवाही लूटेंगे कब तक??, जरा सक्ती हॉस्पिटल में झांक कर तो देखिए, शर्म ना आ जाय तो कहना..
सक्ती 21 जुलाई 2026 - सक्ती को जिला बने 04 साल से अधिक का वक़्त बीत चुका है लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि अब तक सक्ती के हॉस्पिटल को जिला हॉस्पिटल का दर्जा नही मिला है जिसका खामियाजा यँहा ईलाज कराने आये मरीज और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है। दुःख की बात तो यह है CMHO मैडम कुछ तथाकथित पत्रकारो को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपनी छोटी मोटी उपलब्धि गिनाते हुए जोर शोर से ख्याति हाशिल करती है। लेकिन सच्चाई बिल्कुल उलट है।
आज सक्ती हॉस्पिटल के कई छतों से पानी जरूर टपक रहा है लेकिन मरीज या उनके परिजनों को ना तो पीने का साफ पानी मिल रहा है और ना शौचालय में पिछवाड़ा धोने के लिए पानी नसीब हो रहा है।
मंगलवार की दोपहर सक्ती के ऑफिसर कॉलोनी निवासी जितेन्द्र राठौर ने अपने मोबाईल नंबर 7898905273 से cgwebnews.in के हेड अनिल तंबोली को वाट्सएप किया कि..
" भैया एक समाचार ये भी प्रकाशित कीजिए जिला अस्पताल सक्ति में न तो शौचालय जाने के लिए पानी है और न ही पीने का पानी है सारी प्रसव डीलिवरी वाली महिलाएँ परेशान हैं। उपकार होगा आपका यादि आप यह प्रकाशित करें तो "
जितेन्द्र राठौर जी के इस निवेदन को पढ़ कर लगा कि CMHO पूजा अग्रवाल के संज्ञान में इस मामले को लाना जरूरी है। तो हम खबर के जरिये इस बड़े मामले को उठा दिए। लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक CMHO पूजा अग्रवाल मैडम बड़ी खामियों को नजरअंदाज कर मोटू - पतलू के कहने पर चलते हुए झूठी वाहवाही लूटते रहेगी।
मैडम जी मरीजों के परिजन तो बंधवा तालाब जा कर "निकाल" भी सकते है और पिछवाड़ा धो भी सकते है। लेकिन उन प्रसूताओं का क्या वो बेचारी तो हॉस्पिटल के बेड से उठ भी नही सकती है। हो सके तो आप पोरथा मे स्थित अपने शानदार A/C दफ्तर से बाहर निकले और थोड़ा हॉस्पिटल और मरीजों की भी सुध ले..।
बाकी तो सब जै जोहार है ही..
















