छत्तीसगढ़ - दिनदहाड़े घर मे घुस कर ब्यापारी का अपहरण, पुलिस की वर्दी पहन कर आये दो आरोपियों ने दिया वारदात को अंजाम
GPM 21 जून 2026 - गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में दिनदहाड़े एक व्यापारी के अपहरण की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पुलिसकर्मी बनकर आए दो बदमाशों ने घर में घुसकर व्यापारी को पिस्टल की नोक पर अगवा कर लिया और कार में जबरन बैठाकर फरार हो गए। दिनदहाड़े हुए इस अपहरण की पूरी घटना घर में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस क्षेत्र में नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। अपहरण की ये घटना मरवाही थाना क्षेत्र के उषाढ गांव की है।
बताया जा रहा है कि यहां किराना, छड़-सीमेंट और आटा चक्की का व्यवसाय करने वाले गिरीश यादव शनिवार सुबह अपने घर के गलियारे में मौजूद थे। इसी दौरान एक नीले रंग की कार में सवार दो युवक उनके घर पहुंचे। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपियों ने पहले दुकान से सिगरेट और पानी खरीदा। इसके बाद उन्होंने दुकान पर मौजूद गिरीश यादव के बेटे पंकज से उसके पिता के बारे में जानकारी ली। जैसे ही पंकज अपने पिता को बुलाने के लिए घर के अंदर गया, दोनों बदमाश भी जबरन घर में घुस गए।
आरोपियों ने सो रहे गिरीश यादव को उठाया और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए पिस्टल की नोक पर उन्हे अगवा कर लिया। जब व्यापारी ने विरोध किया, तो बदमाशों ने पैर में गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद उन्हें जबरन कार में बैठाकर बरौर बस्ती की ओर फरार हो गए। घटना के दौरान परिजन चीखते रहे, लेकिन बदमाश नहीं रुके। व्यापारी के बेटे पंकज ने कार का नंबर देखने की कोशिश की, जिसमें उसे OD 8552 नंबर दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है।
व्यापारी की पत्नी दुर्गा यादव ने मरवाही थाने में शिकायत दर्ज कराई है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला कि अपहरण करने वाले व्यक्ति पुलिसकर्मी नहीं थे, बल्कि उन्होंने पुलिस का फर्जी रूप धारण कर वारदात को अंजाम दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है।
जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं और सीसीटीवी फुटेज, वाहन नंबर तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। हालांकि घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद अब तक फिरौती या किसी अन्य मांग को लेकर कोई कॉल या संदेश सामने नहीं आया है। ऐसे में अपहरण के पीछे की मंशा को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं।
















