सक्ती के माँ महामाई मंदिर से हर नवरात्रि कितनी कमाई करते होंगे साहब, आंकड़े जान कर उड़ जाएंगे होश..
सक्ती 27 मार्च 2026 - सक्ती का ऐतिहासिक माँ महामाया मंदिर कुछ लोगो के लिए ब्यापार बन गया है। इस मंदिर में ना सिर्फ लोगो के आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है या फिर यूं कहें कि माता के चढ़ावे के पैसों से ऐश किया जा रहा है। आज इस खबर के जरिये हम आपको बताते है कि हर नवरात्रि में श्रद्धा के नाम पर साहेब कितनी की कमाई करते है। ये आंकड़े सिर्फ चैत्र नवरात्रि की है जबकि क्वांर नवरात्रि में यह राशि कही अधिक बढ़ जाती है।
सक्ती के माँ महामाया मंदिर में चैत्र नवरात्रि के 09 दिनों में होने वाली संभावित कमाई..
2500 ज्योती कलश
2500 x 1001 = 25.02.500 (अनुमानित)
तेल के खाली टिन की बिक्री 40 से 50 हजार (अनुमानित)
नारियल का ठेका - 1.00000 अनुमानित
चुनरी और प्रशाद का ठेका 50.000 अनुमानित
चांदी और सोने के जेवर का चढ़ावा (हजारों में)
दानपेटी से निकली राशि (कोई हिसाब नही)
भंडारे से की गई कमाई (कोई हिसाब नही)
गुप्त दान (कोई हिसाब नही)
बलि से होने वाली कमाई
01 से 05 हजार रुपए
खर्च..
2.5 से 03 किलो तेल प्रति ज्योती कलश लगभग 300 रुपये प्रति कलश इस तरह 2500 x 300 = 07 लाख 50 हजार
40 से 50 रुपए प्रति दिया बाती और बाकी खर्च
मंदिर का रंग रोगन 20 से 30 हजार (अनुमानित)
झालर और सजावट 20 से 25 हजार (अनुमानित)
कर्मचारी खर्च 09 दिन 150000 रुपये (अधिकतम)
कुल आवक (अनुमानित)
25 से 30 लाख रुपए
कुल खर्च (अनुमानित)
15 से 17 लाख रुपए
कुल बचत (अनुमानित)
13 से 15 लाख रुपए हर नवरात्रि
अब आप खुद सोचिए कि यह कमाई किसके हिस्से में जाती और उसका क्या उपयोग होता है। हमारा काम था सच्चाई आपके सामने लाना तो हमने ला दिया अब फैसला आपको करना है कि सक्ती के माँ महामाया मंदिर को कलेक्टर की अध्यक्षता वाली ट्रस्ट बनाना है या फिर सब कुछ ऐसे ही चलते रहने देना हैं।
= यह आंकड़े सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित है जिसमे कमी-बेशी की संभावना है।

















