सक्ती - मध्यप्रदेश की घटना को दोहराना चाहती है सक्ती नगर पालिका, लोगो के मरने का कर रही है इंतजार??
सक्ती 28 जनवरी 2026 - मध्यप्रदेश के भागीरथपुरा में दूषित पानी से 23 लोगो की मौत का मामला अभी ठंठा भी नही हुआ है कि सक्ती नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 13 में एक और ऐसे ही मामला सामने आने की प्रबल संभावना नजर आ रही है।
हम बात कर रहे है सक्ती नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 13 के महामाया मंदिर के पीछे वाली नाली और सड़क की तो यहाँ भी हालात भागीरथपुरा से अलग नही है। तश्वीरो को आप जूम कर देख सकते है कि किस तरह बजबजाते नाली के भीतर से पीने की पानी की सप्लाई हो रही है। इस नाली का निर्माण नगर पालिका ने लगभग 20 साल पहले किया था। जब इस नाली का निर्माण किया गया तब वार्ड की हालत कुछ और थी लेकिन बदलते परिवेश में कुछ लोगो ने नाली के ऊपर कब्जा करते हुए गंदा पानी की निकासी को अवरोध कर दिया है। और नाली के ऊपर हुए इस कब्जे को तोड़ने में पालिका प्रबंधन के हाथपांव कांप रहे है।
बता दे कि सक्ती में लगातार बढ़ रहे जल संकट को देखते हुए शहर के समाजसेवी श्री विष्णु अग्रवाल जी ने पुराना धर्मशाला से लेकर हटरी, बैगापरा या यूं कहें कि 20 प्रतिशत शहर में निजी खर्च में पाईप लाईन बिछा कर लोगो को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा रहे है। लेकिन समाजसेवी श्री विष्णु अग्रवाल जी की उम्मीदों पर अब पानी फिरता नजर आ रहा है क्योंकि श्री विष्णु अग्रवाल के इस धर्मार्थ कर पर नगर पालिका रोड़ा पैदा कर रहा है।
तश्वीरो में आप देख सकते है कि किस तरह नाली के भीतर से पीने के पानी का पाईप गुजरा है। समय समय पर यह पाईप लाईन टूट जाता है जिससे पीने के पानी मे नाली का दूषित जल मिल कर लोगो के घरों तक पँहुच जाता है। अब सवाल यह उठता है कि अगर मध्यप्रदेश के भागीरथपुरा की तरह कोई बड़ी घटना हो जाती है तो उसकी जिम्मेदारी नगर पालिका लेगा?? या फिर मौतों पर मुआवजा देकर घंटा बजाया जाएगा।

















