छत्तीसगढ़ के 90 में से 21 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले, देखे पूरी लिस्ट..
रायपुर 13 जनवरी 2025 - छत्तीसगढ़ के 21 विधायकों पर विभिन्न अदालतों में मुकदमे लंबित हैं, जबकि पिछले दो वर्षों में चार विधायकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है। ताजा मामला सक्ती जिले के जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू का है, जिन्हें किसान से 42.78 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। वहीं, पूर्व मंत्री व कोंटा विधायक कवासी लखमा भ्रष्टाचार के मामले में घिरे हैं और वर्तमान में जेल में हैं। सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े पर भड़काऊ भाषण और जशपुर की भाजपा विधायक रायमुनी भगत पर धार्मिक टिप्पणी के जरिए भावनाएं आहत करने का आरोप है।
विधानसभा चुनाव 2023 में जीत हाशिल करने वाले 90 विधायकों में से 17 विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी। ADR (एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म्स) और छत्तीसगढ़ इलेक्शन वॉच ने सभी विजेता उम्मीदवारों के स्व-शपथ पत्रों के विश्लेषण में यह तथ्य पेश किया था। रिपोर्ट के मुताबिक कुल 90 विजेता उम्मीदवारों में से 17 यानी लगभग 19 प्रतिशत ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि इनमें से केवल छह विजेता उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों की जानकारी दी है।
पार्टीवार आंकड़ों के अनुसार, राज्य में भाजपा के 54 विजेता उम्मीदवारों में से 12 और कांग्रेस के 35 विजेता उम्मीदवारों में से पांच ने अपने हलफनामों में स्वयं के खिलाफ आपराधिक मामलों को घोषित किया है। वहीं, गंभीर आपराधिक मामलों के मामले में भाजपा के चार और कांग्रेस के दो विजेता विधायकों ने ऐसी जानकारी अपने शपथपत्रों में दी है।
2023 के विधानसभा चुनाव के समय की स्थिति में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (पाटन), देवेंद्र यादव (भिलाई नगर) और अटल श्रीवास्तव (कोटा) कांग्रेस के उन विजेताओं में शामिल हैं, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज थे।
इसी तरह पूर्व मंत्री राजेश मूणत (रायपुर शहर पश्चिम) और दयालदास बघेल (नवागढ़), शकुंतला सिंह पोर्ते (प्रतापपुर), उधेश्वरी पैकरा (सामरी), ओपी चौधरी (रायगढ़) विजय शर्मा (कवर्धा सीट), विनायक गोयल (चित्रकोट-एसटी) और आशाराम नेताम (कांकेर-एसटी) भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों में से हैं, जिन पर रिपोर्ट के अनुसार आपराधिक मामले दर्ज थे।

















