छत्तीसगढ़ - 40 हजार की रिश्वत लेते महिला एवं बाल विकास विभाग का बाबू गिरफ्तार, ACB की कार्यवाही
जशपुर 09 जनवरी 2026 - महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय में गुरुवार की शाम एक भ्रष्टाचार का मामला सामने आया, जब विभाग के सहायक ग्रेड–2 लिपिक गिरीश कुमार वारे को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी लिपिक ने यह रकम अपने ही विभाग के भृत्य से मांगी थी।
जानकारी के अनुसार, भृत्य योगेश शांडिल्य, निवासी कांसाबेल, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय में तैनात थे। उनकी पोस्टिंग दोकड़ा कार्यालय में थी, लेकिन जुलाई 2025 में उनका ट्रांसफर लोदाम कार्यालय में कर दिया गया। ट्रांसफर के बाद गिरीश वारे ने योगेश से संपर्क किया और कहा कि यह ट्रांसफर उन्होंने ही कराया है। इसके एवज में उन्होंने कुल 80 हजार रुपए की मांग की थी।
योगेश ने बताया कि गिरीश वारे ने लगातार फोन कॉल कर पैसों की मांग की और पहले 30 हजार रुपए भी दिए गए। इसके बाद लिपिक ने 10 हजार रुपए की छूट देते हुए शेष 40 हजार रुपए की डिमांड की। इस दौरान गिरीश वारे ने भृत्य की बाइक जब्त कर रख ली थी और कहा कि जब पैसे लाए जाएंगे तभी बाइक वापस दी जाएगी। कई बार निवेदन करने के बावजूद योगेश की बाइक वापस नहीं की गई, जिससे वह काफी क्षुब्ध हो गया।
योगेश ने इस मामले की सूचना एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। इसके बाद गुरुवार को भृत्य 40 हजार रुपए कैश लेकर जिला कार्यालय पहुंचा। एंटी करप्शन टीम ने पैसों में कैमिकल लगा दिया था और जैसे ही योगेश ने पैसे लिपिक गिरीश को सौंपे, टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और लिपिक को रंगे हाथों पकड़ लिया।
वहीं, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। गिरफ्तारी के बाद लिपिक गिरीश वारे के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई और उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

















