पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ बयान देना प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता को पड़ा भारी, पद से किया गया बर्खास्त
रायपुर 02 जनवरी 2026 - झीरम घाटी कांड को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नार्को टेस्ट की मांग करना कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी को भारी पड़ गया। पार्टी ने उनके बयान को अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें प्रवक्ता पद से हटा दिया है। साथ ही तीन दिन के भीतर जवाब तलब करते हुए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और असहमति के प्रति रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारों का कहना है कि कांग्रेस में यह कोई पहला मामला नहीं है, जब पार्टी लाइन से अलग जाकर सवाल उठाने वाले नेता को तुरंत पदमुक्त कर दिया गया हो। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि पार्टी नेतृत्व असहज सवालों से बचने के लिए सख्त कार्रवाई का रास्ता अपनाता रहा है। विकास तिवारी की बर्खास्तगी को भी इसी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
झीरम कांड, जो छत्तीसगढ़ की राजनीति का सबसे संवेदनशील और चर्चित मामला रहा है, उस पर निष्पक्ष जांच की मांग समय-समय पर उठती रही है। विकास तिवारी ने जब सार्वजनिक रूप से कहा कि इस मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक चेहरों का नार्को टेस्ट होना चाहिए, तो पार्टी के भीतर ही इसे अस्वीकार्य करार दे दिया गया।
कांग्रेस नेतृत्व का तर्क है कि ऐसे बयान पार्टी की अधिकृत लाइन से अलग हैं और संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। हालांकि, कांग्रेस के अंदरखाने से जुड़ी चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि यह कार्रवाई पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जुड़े विवादों और आरोपों से ध्यान हटाने की कोशिश हो सकती है।

















