कंडोम की कमी ने बढ़ाई सरकार की चिंता, सप्लाई ठप्प होने से बढ़ी कंडोम की किल्लत
ढाका 29 दिसम्बर 2025 - बांग्लादेश में इन दिनों कई प्रकार के संकट एक साथ दस्तक दे रहे हैं। एक तरफ राजनीतिक अस्थिरता, तो दूसरी तरफ हिंसा का दौर जारी है। इसी बची एक ऐसा संकट उभर रहा है जो चुपचाप लाखों जिंदगियों को खतरे में डाल सकता है। दरअसल, परिवार नियोजन की रीढ़ माने जाने वाले गर्भनिरोधक साधन अचानक बाजार और सरकारी सिस्टम से गायब हो रहे हैं। कंडोम काफी महंगे हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि बांग्लादेश में अगले कुछ दिनों में कंडोम का स्टॉक लगभग खत्म होने की हालत में है। स्थिति इतनी गंभीर हैं कि आने वाले साल की शुरुआत में कम से कम एक महीने तक कंडोम की बिक्री ठप की जा सकती है। इसका सीधा असर देश के परिवार नियोजन कार्यक्रम पर पड़ने वाला है, देश ने दशकों में जनसंख्या नियंत्रण और मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की थी। इतना ही नहीं यह संकट लंबे समय तक रहा तो अनचाहे गर्भ, मातृ मृत्यु दर और यौन रोगों के मामलों में काफी बढ़ोत्तरी हो सकती है, जो लाखों जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है।
बता दें कि बांग्लादेश अपनी कंडोम की जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर विदेशों पर निर्भर है। आयात में देरी, भुगतान संबंधी दिक्कतें और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में बाधा ने स्थिति को और खराब कर दिया है। हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के कारण लॉजिस्टिक्स भी प्रभावित हुआ है, जिससे पहले से कम स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है।
इसी बीच नेशनल कॉन्ट्रासेप्टिव समरी रिपोर्ट के आंकड़े भी काफी गंभीर स्थिति दिखा रहे हैं। पिछले छह वर्षों में कंडोम की सप्लाई में 57 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। ओरल पिल्स की उपलब्धता 63 फीसदी, आईयूडी 64 फीसदी, इंजेक्टेबल 41 फीसदी और इम्प्लांट 37 फीसदी तक घट चुके हैं। 11 दिसंबर 2025 तक DGFP के पास सिर्फ 39 दिनों का कंडोम स्टॉक, 33 दिनों का इम्प्लांट और 45 दिनों का आईयूडी शेष था, जबकि ओरल पिल्स और इंजेक्टेबल दवाएं भी तेजी से खत्म हो रही हैं।

















