सक्ती - इन लोगो के पास है जादू की छड़ी , सरकार किसी की भी हो ठेका गिरता है इन्ही की झोली में..
सक्ती 22 मार्च 2025 - विगत कई सालों से सक्ती के बुद्धिजीवी लोग यह सोच- सोच कर अपने सिर के बाल नोच रहे है कि छत्तीसगढ़ में सरकार किसी की भी हो नगर पालिका में अध्यक्ष कोई भी हो सरकारी ठेका इन्ही लोगो की ही झोली में क्यो गिरता है। पालिका के अंडर जो भी टेंडर होता है या तो इन्ही कुछ लोगो के नाम से खुलता है या फिर ये पेटी में लेकर गुणवत्ता को नजरअंदाज करते हुए निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाता है।
अब ताजा मामला नाका चौक से लेकर सोंठी रेलवे फाटक तक हुए नाली निर्माण को देख लीजिए. नाली बनकर पूरा हुआ नही की धरासाई हो गया। इस नाली का निर्माण किसने कराया और उसने सीमेंट में रेत मिलाया या फिर रेत में सीमेंट मिलाया यह कुछ लोगो को छोड़ कोई नही जानता है। लोगों को तो यह भी नही पता कि इस नाली की लागत क्या है।
इसी तरह करोड़ो की लागत से बुधवारी बाजार में नगर पालिका किस नक्से के तहत क्या बना रहा है और इसका स्वरूप क्या होगा ये तो ठेकेदार को छोड़ किसी को भी नही पता। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि नगर पालिका बुधवारी बाजार की ऐसी की तैसी करने के लिए करोड़ो रूपये फूंक रही है।
ऐसे कई कार्य है जिनका कोई औचित्य नही होने के बाद भी ठेकेदारों को लाभ पंहुचाने के लिए नगर पालिका बिना कोई ठोस रणनीति और कार्य योजना के ना सिर्फ स्वीकृत कर रही है बल्कि बिना किसी जांच के बिल भी पास किये जा रही है। जो सीधे-सीधे जनता के पैसों की बर्बादी है।

















