सक्ती - कांग्रेस जिलाध्यक्ष की चुनावी माहौल से दूरी , जाने आखिर क्या है उनकी मजबूरी
सक्ती 10 फरवरी 2025 - निकाय चुनाव में मतदान के लिए उलटी गिनती शुरू हो गई है। मंगलवार को मतदान होना है, चुनावी शोर थम गया है और अब प्रत्यासी डोर टू डोर जाकर मतदाताओं से अपने पक्ष में वोट देने की अपील कर रहे है। लेकिन सक्ती में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है यँहा पार्षद और अध्यक्ष प्रत्यासी तो वोट मांगते नजर आ रहे है पर जिला कांग्रेस का मुखिया चुनावी माहौल से गायब नजर आ रहे है। ना तो वे किसी पार्षद के लिए वोट मांग रहे है और ना अध्यक्ष प्रत्यासी की रैली में दिखाई दे रहे है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष की चुनावी माहौल से दूरी बनाना ना तो प्रत्याशियों को समझ आ रहा है और ना स्थानीय लोगो को। इस मामले में कांग्रेस प्रत्यासी कुछ भी बोलने से बच रहे है लेकिन लोग खुल कर बोल रहे है।
लोगो का कहना है कि कांग्रेस जिलाध्यक्ष महोदय की धर्मपत्नी 05 साल नगर पालिका सक्ती की अध्यक्ष रही है लेकिन इन 05 सालों में कोई खास उपलब्धि अपने नाम नही कर पाई अब ऐसे में जिलाध्यक्ष को इस बात का डर सता रहा है कि अगर वो लोगो के सामने गए तो लोग सवाल करेंगे और लोगो के सवालों का जवाब उनके पास नही है।
वही प्रत्यासी भी उन्हें अपने साथ प्रचार में ले जाने से इसलिए बच रहे है कि कही पूर्व पालिका अध्यक्ष के निष्क्रियता का ठीकरा मतदाता उनके सिर पर ना फोड़ दे जिससे उन्हें हार का सामना करना पड़ जाय। बहरहाल जो भी हो कांग्रेस जिलाध्यक्ष की चुनावी माहौल से दूरी बनाने को लेकर शहर में चर्चा का बाजार गर्म है और लोग मुद्दे को नमक मिर्च लगा कर एक दूसरे को बता रहे है और लोग चटखारे लेकर उनकी बात को सुन रहे है।

















