सक्ती - अजीब धर्मसंकट में फंसे है डॉ महंत के समर्थक , समझ नही आ रहा कि दोस्ती निभाये या,,
सक्ती 09 फरवरी 2025 - 11 फरवरी को निकाय चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे और आज शाम से चुनावी शोर थम जाएगा शाम के बाद प्रत्यासी डोर टू डोर जाकर जनसंपर्क करेंगे। छत्तीसगढ़ की सबसे हॉट सीट सक्ती नगर पालिका पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई है क्योंकि यँहा मुकाबला त्रिकोणीय हो चुका है दोनो प्रमुख पार्टी के प्रत्याशियों को निर्दलीय उम्मीदवार श्याम सुंदर अग्रवाल कड़ी टक्कर दे रहे है।
सक्ती में ऑटो रिक्शा छाप की लहर इतनी तेज है कि बच्चो से लेकर बूढ़े तक कि जुबान पर सिर्फ ऑटो रिक्शा छाप ही बसा हुआ है। लेकिन इन सबमे एक बड़ा वर्ग काफी असमंजस में है कि वे किसका साथ दे , ऑटो रिक्शा छाप में वोट देकर दोस्ती का कर्ज चुकाए या फिर कांग्रेस को वोट देकर पार्टी के प्रति अपना फर्ज निभाये।
दरसअल जो प्रत्यासी ऑटो रिक्शा छाप से निर्दलीय चुनाव लड़ रहा है वो निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस में था और उसकी गिनती कद्दावर कांग्रेसी नेता और कट्टर महंत समर्थक के रूप में होती थी लेकिन वो पार्टी के अनदेखी से नाराज होकर कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ रहा है। अब ऐसे में एक बड़े वर्ग को समझ नही आ रहा है की वे पार्टी को चुने या फिर अपने मददगार श्याम सुंदर अग्रवाल को चुने।
निर्दलीय प्रत्यासी श्याम सुंदर अग्रवाल को लोग नेता कम और मददगार ज्यादा समझते है। लोगो को विश्वास है कि विपरीत परिस्थिति में उनके साथ कोई खड़ा हो या ना हो लेकिन श्याम सुंदर अग्रवाल जरूर खड़ा होगा तभी तो सक्ती में यह नारा बुलंद हो रहा है कि " झंडा उसी का उठाओ को जो एक कॉल में फोन उठाये" अब 15 फरवरी को ही पता चलेगा कि लोग किस पर भरोसा जताते है।

















