छत्तीसगढ़ - पूर्व IAS अधिकारी था शराब घोटाले का प्रमुख मास्टरमाइंड?? , जाने पूरी प्लानिंग..
रायपुर 16 जनवरी 2025 - छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला कांड में पूर्व मंत्री कवासी लखमा को ED ने 21 तारीख तक रिमांड पर लिया है। इस मामले में दर्ज FIR में ED ने नेताओं और अधिकारियों के उस नेटवर्क का पूरा ब्योरा दिया है। जिसके आधार पर इस पूरे घोटाले का ताना बाना बुना गया। FIR में ED ने पूर्व IAS अधिकारी विवेक ढांड को भ्रष्टाचार के इस पूरे नेटवर्क का सरगना बताया है।
इसमें कहा गया है कि विवेक ढांड के इशारे पर ही पूरे घोटाले के मुख्य किरदार रहे अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और अरुण पति त्रिपाठी काम कर रहे थे। साथ ही उन्हें भी इसमें हिस्सा दिया गया। ये लोग शराब कंपनियों से शराब का अवैध उत्पादन करवा कर उसकी सप्लाई का सिंडिकेट चलाते थे और बदले में कंपनियों से इन्हें कमीशन मिलता था।
फरवरी 2019 से लेकर जून 2022 के बीच इन लोगों ने मिलकर 02 हजार 161 करोड़ की अवैध कमाई की। इस पूरे घोटाले का ताना बाना बुनने से लेकर अंजाम देने तक एक एक ब्यौरा FIR में दिया गया है।
FIR के महत्वपूर्ण बिंदु ...
01 - 2017 में छत्तीसगढ़ राज्य आबकारी नीति में बदलाव किया गया…
02 - फरवरी 2017 में छग स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लि. का गठन किया गया..
03 - पूरे राज्य में CSMCL जरिए शराब की बिक्री करने की योजना बनाई गई …
04 - शराब दुकानों को ठेके पर चलाने के लिए दिया गया ..
05 - नकदी कलेक्शन को भी निजी हाथों में दिया गया..
06 - सिर्फ तीन डिस्टीलरी को ही शराब बनाने का जिम्मा दिया गया…
07 - फरवरी 2019 में अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का हेड बनाया गया..
08 - ठेका देने में ये सुनिश्चित किया गया कि इस सिंडिकेट का पूरा कंट्रोल रहे..।















