छत्तीसगढ़ - ED की कार्यवाही से बचने पूर्व मंत्री करा रहे थे तांत्रिक अनुष्ठान , लेकिन हो गया कांड
रायपुर 13 जनवरी 2025 - शराब घोटाले में फंसे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को ED की कार्रवाई में तंत्र मंत्र का साया महसूस हो रहा है। लिहाजा वे गिरफ्तारी से बचने और बुरी शक्ति का नाश करने के लिए अब तंत्र मंत्र का भी सहारा ले रहे हैं। लेकिन उस तंत्र-मंत्र में भी विघ्न पड़ गया।
पहले तो कवासी लखमा को भाजपा और ED ही बुरी शक्ति लग रही थी, लेकिन अब ग्रामीण भी उनके लिए बुरी शक्ति बन गये, जिन्होंने कवासी की तंत्र पूजा का विरोध करना शुरू कर दिया और पूजा पूरी नहीं होने दी।
कवासी लखमा के घर ED की छापेमारी के बाद अब तक दो बार पूछताछ के लिए जांच एजेंसी तलब कर चुकी है। जिस तरह के साक्ष्य का दावा ED कर रही है, उससे गिरफ्तारी की आशंका से भी इनकार नहीं है। सिर्फ कवासी लखमा ही नहीं, उनके बेटे हरीश लखमा भी मुश्किलों में है। ऐसे में लखमा परिवार पर अचानक आयी विपत्ति कवासी लखमा को किसी बुरे साये का अहसास करा रही है।
कवासी लखमा ने दो तांत्रिकों को महाराष्ट्र से बुलाया है। जिनसे तंत्र-मंत्र के जरिये सिद्धी करायी जा रही है, ताकि परिवार पर आयी विपत्ति टल जाये। कवासी लखमा ने सुकमा जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर रामाराम गांव में चिटमिट्टिन देवी के मंदिर में पूजा की है। महाराष्ट्र से आये दो तांत्रिकों ने काफी देर तक कर्मकांड किया और तंत्र-मंत्र की साधना से विपत्ति को टालने के लिए पूजा अर्चना चल ही रही थी, कि ग्रामीण विरोध करने पहुंच गये। जिसके बाद पूजा को आधे में ही रोकना पड़ गया।
विरोध की वजह से पूजा तो पूर्ण नहीं हो सकी, लेकिन तांत्रिकों ने दावा किया कि संकट के नाश के लिए माता दरबार में उन्होंने अर्जी जरूर लगा दी है।
इधर इस मामले में कांग्रेस और बीजेपी आमने सामने आ गयी है। भाजपा ने कहा है कि बुरी शक्तियों की वजह से कवासी लखमा पर ये संकट नहीं आया है, बल्कि बुरे कार्यों की वजह से आया है। इसका प्रायश्चित उन्हें जेल में ही जाकर चुकाना होगा। वहीं कांग्रेस ने कहा है कि पूजा अर्चना किसी का भी व्यक्तिगत मामला है इस पर भाजपा को कटाक्ष करने का कोई अधिकार नहीं है।















