सक्ती - शौचालय में डिलीवरी के मामले में बुरा फंसा गोमती देवी हॉस्पिटल प्रबंधन , हो सकता है लायसेंस निरस्त
सक्ती , 04-05-2024 8:01:59 AM
सक्ती 04 मई 2024 - शौचालय में नवजात को जन्म देने के मामले गोमती देवी हॉस्पिटल प्रबंधन पूरी तरह फंसते नजर आ रहा है। मीडिया में मामला आने के बाद सक्ती CMHO डॉ सूरज राठौर ने इस मामले के लिए जांच कमेटी गठित कर दी है और अब यह कमेटी पूरे मामले की जांच कर सात दिनों के भीतर CMHO को रिपोर्ट सौंपेगी।
अगर जांच में गोमती देवी हॉस्पिटल की संलिप्तता या लापरवाही पाई जाती है तो हॉस्पिटल का लाइसेंस निरस्त तो होगा ही साथ ही संबंधित डॉक्टर को जेल भी जाना पड़ सकता है। और सरकारी नौकरी जाएगी वो अलग।
बता दे कि सक्ती के बाराद्वार रोड में संचालित गोमती देवी हॉस्पिटल के शौचालय में 26 अप्रैल को एक अविवाहित युवती ने अवैध संतान को जन्म देने के बाद कमोड में डाल कर नवजात के हत्या की कोशिश की थी। जिस पर सक्ती पुलिस ने IPC की धारा 307 और 315 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।
इस मामले में गोमती देवी हॉस्पिटल प्रबंधन ने सिर्फ थाने में लिखित जानकारी देकर अपना पल्ला झाड़ लिया था। पूरे प्रकरण में गोमती देवी हॉस्पिटल मैनेजमेंट का असंवेदनशील चेहरा भी देखने को मिला जब उसने प्रसूता का ईलाज करने के बजाय उसे भगवान के रहमोकरम पर छोड़ दिया था। बताया जा रहा है कि डिलीवरी के बाद युवती के परिजनों ने गोमती देवी हॉस्पिटल के बगल में ही संचालित एक अन्य निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था जँहा उसकी देखभाल के साथ ईलाज किया गया।
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