रेप की FIR दर्ज कराने के बाद कोर्ट में बयान से पलट कर बुरी फंसी महिला , न्यायालय ने दिया यह आदेश
मध्य प्रदेश , 13-02-2024 4:32:46 PM
भिंड 13 फरवरी 2024 - सप्तम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी के न्यायालय में दुष्कर्म के मामले में बयान पलटने पर महिला के खिलाफ कोर्ट ने दंडात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
लोक अभियोजक जेपी दीक्षित ने बताया कि उदोतपुरा हाल भुजपुरा रोड गैस गोदाम के पास भिंड में रहने वाली महिला ने 28 फरवरी 2019 को अटेर थाने में आवेदन देकर मिहोनी निवासी अमर सिंह बघेल के खिलाफ दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज कराया था। महिला ने थाने में बयान देते हुए कहा था कि अमर सिंह ने कट्टे की नोक पर उसके साथ गलत काम किया है।
पुलिस ने अमर सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर महिला के धारा 164 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत न्यायालय में कथन कराए गए थे, जिसमें भी उसने अमर सिंह के द्वारा जबरदस्ती दुष्कर्म किए जाने की बात बताई थी।
प्रकरण की विचारण के दौरान पीड़िता ने अपने न्यायालय में दिए कथन में आरोपी अमर सिंह बघेल को पहचानने से इनकार कर दिया और किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा दुष्कर्म करने की बात कही। साथ ही यह कहा कि अमर सिंह के द्वारा गलत काम नहीं किया गया है।
बयान से पलटने पर न्यायालय सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने अमर सिंह को दोषमुक्त करते हुए महिला के खिलाफ धारा 182 , 195 , 211 भारतीय दंड संहिता के विरुद्ध अपराध मानकर परिवाद प्रस्तुत किया है।

















