सरकारी स्कूल में भूत का साया , इस स्कूल में दो शिक्षक और एक रसोईया की हो चुकी है अकाल मौत
झारखंड , 31-03-2023 6:23:56 AM
जामताड़ा 31 मार्च 2023 - एक ऐसा स्कूल है जहां न तो कोई शिक्षक यहां पढ़ाने को तैयार है न ही कोई छात्र यहां पढ़ने को तैयार ।शिक्षक , स्कूल के बच्चे और बच्चो के परिजनों को यह भ्रम है कि इस स्कूल में एक ऐसे भूत का साया है जो स्कूल में काम करने वालों की जान ही ले लेता हैं।
यह स्कूल झारखंड के जामताड़ा जिले का है। यहां के प्राधमिक विद्यालय छोटूडीह में पढ़ाने वाले 2 शिक्षक और एक रसोईया की अकाल मौत हो गई । इसके अलावा जो शिक्षक अभी इस स्कूल में पदस्थ है उन्हे ऐसी बीमारी ने जकड़ लिया है कि वह चलने फिरने तक से लाचार है। बताते हैं कि सबसे पहले यहां पदस्थ शिक्षक बाबूधन मुर्मू की असमय मौत हो गई। इनके मौत के बाद जब इनके बेटे से स्कूल में पढ़ाना शुरू किया तो थोड़े दिन बाद उनका भी आकस्मिक निधन हो गया ।इतना ही नही इस स्कूल में कार्यरत रसोईया छतामुनी बाई की मौत भी असमय हो गई।30 साल की उम्र में उसका एक दिन निधन हो गया। इस स्कूल में फिलहाल पदस्थ शिक्षक नुनुधन मुर्मू गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो गए हैं उनका चलना फिरना मुश्किल हो गया।अब इस स्कूल के बचे जो एक शिक्षक है वो भी फिलहाल बीमार हैं।
इतनी सारी घटनाओं को अपनी आंखो से देखने के बाद अब कोई भी इस स्कूल में पढ़ाना नहीं चाहता ना ही छात्रों के पालक अपने बच्चो को इस स्कूल में पढ़ने भेजना चाहते है ।इसलिए स्कूल में काफी लंबे समय से तालाबंद है ।
यद्यपि शासन ने दुबारा इस स्कूल को शुरू करने की कोशिश है। यहां शिक्षा विभाग के अफसरों को भेजकर यहां पदस्थ शिक्षको ,कर्मचारियों और पालकों को अंधविश्वास से दूर हटने का मोटिवेशन कर रहे हैं ।बताया जा रहा है कि शासन की इस कोशिश के बाद बीते 29 मार्च से स्कूल का तला तो खुल गया लेकिन अभी इक्के दुक्के बच्चे ही स्कूल आ रहे हैं।

















