बजट सत्र के बाद बदल जाएंगे मंत्रियों के जिले का प्रभार , लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया फैसला
मध्य प्रदेश , 06-03-2023 6:57:40 AM
भोपाल 06 मार्च 2023 - विधानसभा के बजट सत्र के बाद मंत्रियों के प्रभार के जिले बदले जाएंगे। प्रभार के जिलों में मंत्रियों के दौरा न करने की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सत्ता और संगठन स्तर पर यह निर्णय लिया गया है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में रविवार को मंत्रियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंत्रियों के परफार्मेंस पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड हाथ में लेकर बैठे थे।
उन्होंने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनावी वर्ष है, ऐसे में अभी से जुट जाएं और प्रभार के जिलों में सक्रियता बढ़ाएं , रात्रि विश्राम करें , लोगों से मिलें और उनकी समस्याएं सुनें। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए मंत्रियों को प्रभार के जिलों में सक्रियता बढ़ानी होगी। मंत्रियों से कहा कि प्रभार के जिलों में राजनीतिक स्थिति का मूल्यांकन करें और प्रवास बढ़ाएं। हमें टीम वर्क से काम करके 200 पार सीटें लाना है। मिलकर काम करो, कार्यकर्ताओं की सुनो, आप सरकार में मंत्री हो, इसलिए आपकी जिम्मेदारी ज्यादा है।
इधर मंत्रियों ने बैठक में अपनी बात रखते हुए कहा कि उनके पास एक से अधिक जिले हैं जो आपस में दूर भी हैं, ऐसे में प्रभार के जिलों में दौरा करने में कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि जिले इस तरह से दिए जा जाएं कि दौरा करने में सुलभता हो और वे अधिक से अधिक समय प्रभार के जिलों में दे सकें।
भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने मंत्रियों से पूछा कि :-
01 - आपने कितने बार प्रभार के जिलों का दौरा किया।
02 - कितने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
03 - कितने कार्यकर्ताओं के सुख दुख में शामिल हुए।
04 - कितने कार्यकर्ताओं को राहत प्रदान की।
05 - कितने कार्यकर्ताओं की बैठक ली।
बैठक में ऐसा कोई भी मंत्री नहीं था जो इन 05 सवालों का जवाब दे पाया इस पर राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने नाराजगी जताई और मंत्रियों को स्पष्ट कर दिया कि चुनावी वर्ष है लापरवाही नहीं चलेगी।

















