छत्तीसगढ़ - 18 हजार फर्जी किसानों ने ले ली PM सम्मान निधि के 29 करोड़ रुपये , ऐसे हुआ खुलासा
धमतरी , 10-01-2023 5:42:33 PM
धमतरी 10 जनवरी 2023 - छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में 18894 ऐसे लोग हैं जिन्होंने फर्जी ढंग से छोटे व मझोले किसान बनकर केन्द्र सरकार के आंखों में धूल झोंक कर पीएम सम्मान निधि योजना का लाभ लिया है। ऐसे लोगों में आयकर दाता , सरकारी अधिकारी - कर्मचारी व बड़े लोग भी शामिल हैं। कृषि विभाग ने जब जांच की तो पता चला कि इन्होंने लगभग 29 करोड़ रुपये हड़पा है। शासकीय आदेश के बाद कृषि विभाग ने इन अपात्र लोगों से करीब 10 लाख रुपये की वसूली भी कर ली है शेष राशि कृषि विस्तार अधिकारी व राजस्व विभाग के अधिकारी - कर्मचारी वसूली करेंगे और शासकीय खजाने में जमा करेंगे।
केन्द्र सरकार ने देश भर के छोटे व मझोले किसानों के आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए पीएम सम्मान निधि योजना लागू की है। इस योजना के तहत पंजीकृत किसानों को साल में तीन किश्तों में 6000 रुपये दिया जाना है। इस योजना का लाभ छोटे व मझोले किसानों को दिया जाना था, लेकिन धमतरी जिले के 18894 आयकर दाता , सरकारी अधिकारी-कर्मचारी व बड़े किसानो ने रुपयों के लालच व शासकीय योजना का लाभ पाने इसके लिए आवेदन कर दिया, जबकि वे इस योजना के लिए पात्र नहीं थे। अपात्र होकर स्वयं को इन लोगों ने छोटे व मझोले किसान बताकर पंजीकृत कराया। ये इस योजनाओं का लाभ पा रहे थे, लेकिन केन्द्र सरकार ने इस योजना के पंजीकृत किसानों का जब KYC अपडेट कराया तो अपात्र किसानों की पुष्टि हो गई। इससे इन अपात्र लोगों में हड़कंप मच गया है।
कृषि उप संचालक मोनेश कुमार साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अपात्र किसानों की संख्या 17074 है, जिसमें कई वेतनभोगी व बड़े किसान शामिल है। वहीं 1824 आयकरदाता है। दोनों मिलाकर 18894 अपात्र किसान है, जो पीएम सम्मान निधि योजना के लिए पात्र नहीं थे और गलत ढंग से योजना का लाभ ले रहे थे। शासकीय आदेशानुसार इन अपात्र लोगों से कुल 28 करोड़ 80 लाख 24000 रुपये की वसूली करना है। कृषि विभाग ने अब तक 09 लाख 92 हजार रुपये 121 अपात्र किसानों से वसूली कर ली है। शासकीय योजना की राशि लौटाने वालों में 105 आयकरदाता और 16 अपात्र किसान हैं। इन अपात्र लोगों से राशि वसूली में तेजी लाई जाएगी। जिलेभर के कृषि विस्तार अधिकारी और राजस्व अधिकारी भी अब इस राशि की वसूली करेंगे, इसके लिए शासन से आदेश जारी हुआ है।
पीएम सम्मान निधि योजना का लाभ जिले के कई बड़े नेता, अधिकारी - कर्मचारी, व्यवसायी समेत कई बड़े लोगों के नाम है, जिनके नाम फिलहाल कृषि विभाग ने उजागर नहीं किया है। वहीं, बदनामी से बचने ऐसे ज्यादातर आयकरदाता तेजी से रुपये वापस करने में लगे हैं। वहीं उच्चाधिकारी भी रुपये वापस कर रहे हैं, ताकि नाम उजागर न हो।

















