छत्तीसगढ़ - बड़ी बेरहमी से की गई थी युवती की हत्या , मुंह को तकिये से दबा कर 51 बार पेचकस से किया वार , लाश के पास मिला यह अहम सबूत
कोरबा , 25-12-2022 3:31:15 PM
कोरबा 25 दिसम्बर 2022 - पंप हाउस कालोनी में रहने वाली एक युवती की पेचकस से बुरी तरह गोदकर हत्या कर दी गई मुंह पर तकिया लगाकर एक के बाद 51 बार पेचकस से बेरहमी पूर्वक वार किया गया इसकी वजह से युवती के मुंह से चीख भी नहीं निकल पाई अधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस हत्या की भनक कालोनी में के लोगों को नहीं हो सकी। मृतक का भाई घर लौटा, तब यह घटना सामने आई। घटनास्थल पर एक विमान का टिकट मिला है। इससे माना जा रहा है कि आरोपित शहबाज खान गुजरात से दो दिन पहले छत्तीसगढ़ आया था।
कोतवाली के अंतर्गत आने वाले साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ( SECL ) की पंप हाउस कालोनी निवासी व निजी कंपनी में कार्यरत बुधराम पन्ना अपनी पत्नी फूलजेना , पुत्र नीलेश व पुत्री नीलकुसुम (20) के साथ निवासरत है। शनिवार की बुधराम सुबह ड्यूटी पर चले गए थे उसकी पत्नी फूलजेना DAV स्कूल में काम करने गई थी, जबकि पुत्र नीलेश मां को स्कूल में छोड़ने के बाद दादरखुर्द परिजन के पास चला गया था। इस बीच घर पर नीलकुसुम अकेली थी। दोपहर करीब 12:30 बजे उसका भाई नीलेश घर लौटा और दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से कोई आवाज नहीं आई।
तब वह घर के पीछे से घर के अंदर पहुंचा। अंदर कमरे में जमीन पर बहन नीलकुसुम लाश पड़ी थी। पुलिस की जांच से पता चला है कि बुरी तरह पेचकस से गोदकर उसकी हत्या की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि सामने करीब 51 वार पेचकस से गोदा गया है। पुलिस मान रही है कि आरोपित हत्या की घटना को अंजाम देने के लिए तकिया से युवती के मुंह को दबा दिया था। जांच में पता चला है कि युवती के दिल के पास भी पेचकस का एक बड़ा छेद है। अधिक रक्त स्राव से युवती की मौत होने की जानकारी मिल रही है। बेहद चौंकाने वाली बात यह है कि 8:30 से 12.30 बजे के बीच यह घटना हुई, पर आसपास के लोगों ने आरोपी को न तो आते देखा और न ही किसी ने जाते।
गुजरात के मुंदरा से अहमदाबाद तक बस का टिकट, फिर अहमदाबाद से रायपुर तक 22 दिसंबर का फ्लाइट का टिकट है। रायपुर से बिलासपुर तक एक एसी बस का टिकट है। फ्लाइट का जो टिकट मिला है, उसमें शहबाज खान लिखा है। स्वजन ने बताया है कि करीब तीन साल पहले शहबाज जशपुर से कोरबा के बीच चलने वाले एक यात्री बस का कंडक्टर था।
पुलिस को पूछताछ में जो जानकारी मिली है कि नीलकुसुम मदनपुर स्थित मिशनरी स्कूल में पढ़ती थी। उसकी कक्षा नौवीं से 12 तक की पढ़ाई वहीं हुई है। वह कोरबा व मदनपुर के बीच बस से ही आना जाना करती थी। इस बीच शहबाज व नीलकुसुम की नजदीकियां बढ़ी। स्वजन का कहना है कि शहबाज फोन में तीन दिन पहले धमकी दी थी। वह शहबाज से बात नहीं करना चाहती थी। इसलिए उसे परेशान कर रहा था। इस वजह से नीलकुसुम परेशान थी। हत्या की इस घटना से शहबाज की भूमिका की जांच पुलिस कर रही।
मूलत: जशपुर का रहना वाला शहबाज खान का गुजरात से क्या कनेक्शन है। वह फ्लाइट से यहां कैसे पहुंचा। इसका भी पता नहीं चल सका है। संभावना जताई जा रही है कि शायद वह इन दिनों गुजरात में रह कर काम कर रहा था। सवाल यह भी है कि पुलिस इस बात पर उलझी है कि कोई अपना सबूतों का बैग मौके पर घटनास्थल पर क्यों छोड़ कर जाएगा।

















