मंकीपॉक्स को लेकर WHO ने जारी की गाइडलाइंस , इन लोगों को संक्रमण का ज्यादा खतरा , जानें लक्षण
नई दिल्ली , 27-07-2022 7:39:21 AM
नई दिल्ली 26 जुलाई 2022 - कोरोना वायरस के बाद अब दुनिया में मंकीपॉक्स का खतरा मंडराने लगा है। मंकीपॉक्स ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 75 देशों में 16 हजार से अधिक मामले अब तक सामने आ चुके हैं। जिसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे इमरजेंसी घोषित कर दिया है। WHO ने कहा कि मंकीपॉक्स उन देशों में फैल रहा है। जहां पहले इसके केस सामने नहीं आए थे।
गौरतलब है कि भारत में भी मंकीपॉक्स ने कदम रख दिया है। देश में अब तक 04 मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें 03 केरल और 01 मामला दिल्ली में सामने आया है। इधर उत्तर प्रदेश के ओरैया में संदिग्ध मरीज सामने आया है। मरीज का इलाज जारी है। रिपोर्ट आने के बाद पुष्टि होगी।
- किन को सबसे अधिक खतरा -
WHO के अनुसार मंकीपॉक्स उन लोगों से फैलता है, जो पहले से इस वायरस से संक्रमित हैं। हाल ही में एक रिपोर्ट में स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि समलैंगिक पुरुष में मंकीपॉक्स फैलने का खतरा अधिक रहता है। वहीं यह बॉडी फ्लुइड्स और पीड़ित व्यक्ति के साथ सोने पर फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक मंकीपॉक्स से बचाव के लिए जंगली जानवरों से दूर रहना जरूरी है। विदेश यात्रा से आने पर अपनी जांच जरूर कराएं।
- मंकीपॉक्स के लक्षण -
- मंकीपॉक्स मरीजों को बुखार, शरीर में दर्द, ठंड लगना और थकान का होने लगती है।
- गंभीर बीमारी वाले लोगों के चेहरे और हाथों पर दाने और घाव हो सकते हैं, जो शरीर के अन्य भागों में फैलना लगता है।
- मंकीपॉक्स बीमारी की शुरुआत मैक्यूल्स से होती है। ये लाल रंग के होते हैं।
- लाल रंग के दानों या गांठों में छाले पड़ने लगते हैं। वहीं सफेद तरल पदार्थ भर जाता है।
- कुछ दिनों के बाद सफेद दाने सूख जाते हैं और पपड़ी बन जाती है। थोड़े दिन में वह भी सूखकर गिर जाती है।
- मंकीपॉक्स के दाने की शुरुआत चेहरे से होती है।

















