अभी थमा नही है महाराष्ट्र का महासंग्राम , अब इसके लिए मचेगा घमासान , पढ़े खास रिपोर्ट
महाराष्ट्र , 01-07-2022 9:59:15 PM
मुम्बई 01 जुलाई 2022 - एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री बनते ही महाराष्ट्र का सियासी भूचाल तो थम गया, लेकिन शिवसेना की लड़ाई जारी है। एकतरफ शिंदे गुट है तो दूसरी तरफ उद्धव गुट। दोनों खुद को असली शिवसेना बता रहे हैं। अब लड़ाई है शिवसेना के चुनाव चिह्न की। जिसे चुनाव चिह्न मिलेगा, वो ही असली शिवसेना मानी जाएगी। यह लड़ाई चुनाव आयोग में लड़ी जाएगी। जरूरत पड़ी तो दोनों पक्ष कोर्ट भी जाएंगे। विवाद सुलझ गया तो ठीक नहीं तो दोनों पक्षों को अलग-अलग चुनाव चिह्न आवंटित करने का विकल्प भी रहेगा। रिपोर्ट्स की मानें तो एकनाथ शिंदे का खेमा पार्टी के चुनाव चिन्ह पर दावा करने की तैयारी कर रहा है। वहीं उद्धव ठाकरे गुट भी स्पष्ट रूप से बिना लड़ाई के हार नहीं मानेगा।
'असली शिवसेना' को पार्टी के सभी पदाधिकारियों, राज्य के विधायकों और संसद सदस्यों से बहुमत का समर्थन प्राप्त करना होगा। केवल एक पक्ष में बड़ी संख्या में विधायकों का होना ही उसे पार्टी के रूप में मान्यता देने के लिए पर्याप्त नहीं है।
















