जबलपुर 23 सितंबर 2026 - मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अदालत के आदेशों की अवहेलना और नोटिस का जवाब न देने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है. और हाईकोर्ट ने पन्ना जिले की कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर प्रशासनिक हलके में हड़कंप मचा दिया है। न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पन्ना के पुलिस अधीक्षक (SP) को इस वारंट की तामील कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने एसपी को आदेशित किया है कि वे 30 सितंबर 2026 को होने वाली अगली सुनवाई के दौरान पन्ना कलेक्टर की व्यक्तिगत उपस्थिति न्यायालय के समक्ष सुनिश्चित कराएं।
यह पूरा विवाद पन्ना कलेक्ट्रेट की सेवानिवृत्त सेक्शन ऑफिसर जाविन आरा रिजवी की ओर से दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है. याचिकाकर्ता ने अपनी सेवा के नियमितीकरण को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया था. इस पर 13 अगस्त 2025 को हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए पन्ना कलेक्टर को निर्देश दिया था कि वे 90 दिनों के भीतर आवेदिका के अभ्यावेदन पर निर्णय लें. तय सीमा में आदेश का पालन न होने पर याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दायर की थी।
कोर्ट ने पाया कि 4 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी होने के बाद भी न तो कलेक्टर की ओर से वकील के जरिए कोई पक्ष रखा गया और न ही अदालत में परिपालन रिपोर्ट पेश की गई. यद्यपि कलेक्ट्रेट कार्यालय से नोटिस मिलने की सूचना भेजी गई थी, लेकिन इसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. इसी उपेक्षा के चलते हाईकोर्ट ने कठोर कदम उठाने का फैसला लिया।













