रायपुर 14 दिसंबर 2023 - छत्तीसगढ़ में अभी केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) जैसी कुछ एजेंसियां की कार्यवाही कर पा रही थीं। केंद्रीय जांच ब्‍यूरो (CBI) की कार्यवाही पर राज्‍य में रोक है। छत्तीसगढ़ में CBI के प्रवेश पर 10 जनवरी 2019 से रोक लगी हुई है। दिसंबर 2018 में प्रदेश में सत्‍ता परिवर्तन हुआ था। बड़े बहुमत के साथ सरकार में आते ही कांग्रेस सरकार ने 2019 में CBI को दी गई सहमति तत्‍काल प्रभाव से रद्द कर दी। इसकी वजह से 2019 के बाद से अभी तक प्रदेश में राज्‍य सरकार से संबंधित संस्‍थानों और मामलों में CBI की जांच नहीं हुई है।

महादेव ऑन लाइन गेमिंग एप मामले की जांच कर रही ED चाहती है कि इस मामले की जांच CBI को सौंप दी जाए। इसको लेकर ED ने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। यह मामला कोर्ट के विचाराधीन है। 

कानून के जानकारों के अनुसार CBI दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (DSPE) अधिनियम के तहत काम करती है। इस कानून प्रावधानों के अनुसार CBI की किसी भी जांच के लिए संबंधित राज्य सरकार की सहमति एक आवश्यकता है। देश में बदले सियासी समीकरण के बीच बंगाल व छत्‍तीसगढ़ समेत कुछ और राज्‍यों ने CBI को दी गई सहमति समाप्‍त कर दी है।

अब छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। राज्‍य में भाजपा की वापसी हो चुकी है। ऐसे में उम्‍मीद की जा रही है कि राज्‍य सरकार CBI को फिर से जांच के लिए सहमति जारी कर सकती है। जानकारों के अनुसार प्रदेश में यदि फिर से CBI की इंट्री होती है तो ऐसे कई मामलों की जांच CBI को ट्रांसफर हो जाएगी जिसकी जांच अभी ED कर रही है।

बता दे कि ED इस वक्‍त छत्तीसगढ़ में 6 मामलों की जांच कर रही है। इसमें महादेव एप , कोयला और शराब घोटला शामिल है। इन मामलों में ED ने गिरफ्तारी भी की है। कोयला घोटला में IAS अफसर जेल में हैं, जबकि शराब घोटला में भी कुछ अफसरों के साथ ही नेता इस वक्‍त जेल में हैं। 

महादेव ऑन लाइन गेमिंग एप में 4 लोगों को गिरफ्तार हैं। DMF में हुई कथित गड़बड़ी के मामले में भी ED ने केस दर्ज कर रखा है। इस केस में भी छापे की कार्रवाई हुई। ED ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन में हुई कथित गड़बड़ी के मामले में भी एक केस दर्ज करके बैठी है। इसकी अभी जांच चल रही है।