जांजगीर चाम्पा 09 सितंबर 2026 - मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम कोसा में 27 जून 2026 की रात हुए अमित भंडारी की हत्या का खुलासा करते हुए जांजगीर जिला पुलिस ने हत्या के षड्यंत्र में शामिल एक महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त फावड़ा को जप्त किया है। 

बता दे कि 27 जून 2026 की रात ग्राम कोसा में अपने घर से निकले युवक अनिल भंडारी की लाश 29 जून को सुबह गांव के अमहदा तालाब के बगल में एक निर्जन बाड़ी में मिली थी। गांव के बीचो-बीच हुए सनसनीखेज हत्याकांड को जिला पुलिस ने चुनौती के तौर पर ली और सभी पहलुओं को लेकर जांच शुरू की।

पुलिस ने मुख्य रूप से मृतक का गांव के ही संतोषी सिंह नमक एक युवती से प्रेम प्रसंग, गांव में रात में होने वाले जुआ शराब आदि से जुड़े असामाजिक तत्वों की भूमिका साथ ही पिछले ग्राम पंचायत चुनाव के समय हुए विवाद को मुख्य रूप से अपनी जांच में शामिल किया था। हत्याकांड की जटिलता को देखते हुए SP विजय पांडेय ने जब SIT बनाकर जब CDR , IPDR एनालिसिस , टावर डंप, GPS , CCTV फुटेज, संदेहियों के घटना के समय के लोकेशन के साथ घटना का मकसद और घटना के बाद उत्पन्न हुई परिस्थितियों की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए जांच की तब जो कहानी सामने आया वह चौंकाने वाले थे।

पुलिस के मुताबिक मृतक अमित भंडारी का गांव के ही युवती संतोषी सिंह से उसके शादी से पहले ही प्रेम प्रसंग था शादी के बाद भी वे में बातें किया करते थे, अमित भंडारी बाहर रहकर काम करता था जब जब वह गांव वापस लौटता था तब संतोषी भी अपने पति से लड़ झगड़ कर गांव आ जाती थी गांव में दोनो रात रात भर फोन से बातें करते थे।

घटना दिनांक की रात को भी अमित भंडारी और संतोषी सिंह रात को लगभग 1:30 बजे तक फोन में बातें करते रहे इसके बाद रात्रि लगभग 2:30 बजे के आसपास अमित भंडारी संतोषी सिंह से मिलने उसके घर के पीछे पहुंचा उसी समय संतोषी सिंह का भाई बजरंग सिंह घर के पीछे कुछ आवाज सुनकर जब वह घर के पीछे गया तो अपनी बहन के साथ अमित को देखकर अपना आपा खो बैठा और आरोपी बजरंग सिंह ने पास ही पड़े छोटे फावड़े से अमित की सर और सीने पर वार कर उसकी हत्या कर दी।

वारदात के बाद बजरंग सिंह ने अमित भंडारी की लाश को बाड़ी में छुपा दिया था क्योंकि उसी रात गांव में चोरी होने की सूचना पर डायल 112 गांव कोसा आया हुआ था और रात में गांव में लोग जगे हुए थे जिससे उसी रात को ही अमित की लाश को कहीं अन्य जगह रखने पर पकड़े जाने का खतरा था। इसलिए अगले दिन दिनांक 28 जून को जब आरोपी बजरंग सिंह का बड़ा भाई पप्पू सिंह काम के बाद वापस गांव लौटा तो बजरंग ने बीती रात की पूरी घटना उसे बताई और उसे सहयोग करने के लिए कहा, दोनों प्लान बनाकर मृतक के परिजनों के साथ अमित भंडारी को ढूंढने का नाटक करते रहे।

 बाद में रात को वापस गाँव आकर दोनो आरोपीयों ने 28 जून की रात्रि लगभग 12:00 बजे मौका देखकर अमित भंडारी की लाश को गांव के बीचो बीच ऐसे स्थान पर रख दिया जहां पुलिस को उन पर शक ना हो। और बहन संतोषी सिंह मृतक के शव को छुपाने में मदद भी की थी।

 29 जून को अज्ञात में अपराध पंजीबद्ध कर विभिन्न पहलुओं पर सघन जांच की जा रही थी। आरोपियों के लोकेशन, घटना के बाद इनका संदिग्ध व्यवहार, पूछताछ में बार-बार बयान में बदलाव के बाद जब सख़्ती से पूछताछ की गई तो आरोपियों द्वारा घटना करना कबूल कर लिया गया। तीनों आरोपी बजरंग सिंह , संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है इनमें से संतोषी सिंह और पप्पू सिंह को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, और बजरंग का पुलिस रिमांड लेकर फॉरेनसिक इन्वेस्टीगेशन का आधुनिक तकनीकी परीक्षण कराया जायेगा।